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अभी भी ICU में लता मंगेशकर, डॉक्टर ने कहा- प्रार्थना करें प्रशंसक: जानिए जब दिग्गज गायिका को दिया गया जहर, 3 महीने तक बेड पर पड़ी रहीं

“इस बात की पुष्टि हो चुकी थी कि मुझे धीमा जहर दिया गया था। डॉ. कपूर का इलाज और मेरा दृढ़ संकल्प मुझे वापस ले आया। तीन महीने तक बेड पर रहने के बाद मैं फिर से रिकॉर्ड करने लायक हो गई थी।”

दिग्गज गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की सेहत को लेकर हर कोई चिंतित है। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें 8 जनवरी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा की है। बताया है कि लता मंगेशकर अभी भी आईसीयू में हैं। उन्होंने कहा कि लता जी के प्रशंसक उनके लिए प्रार्थना करें, ताकि वो जल्द से जल्द ठीक होकर वापस घर लौट जाएँ। बता दें कि 92 साल की लता मंगेशकर को कोरोना के साथ निमोनिया भी हुआ है। उनकी उम्र को देखते हुए डॉक्टर ज्यादा अलर्ट हैं। यही कारण है कि उन्हें आईसीयू में रखा गया है। 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 33 साल की उम्र में स्वर कोकिला को जान से मारने की कोशिश की गई थी। उन्हें जहर दिया गया था। ये उनकी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। उन्होंने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया था। लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में कहा था, “हम मंगेशकर्स इस बारे में बात नहीं करते, क्योंकि यह हमारी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। साल 1963 में मुझे इतनी कमजोरी महसूस होने लगी कि मैं तीन महीने तक बेड से भी बहुत मुश्किल से उठ पाती थी। हालात यह हो गए कि मैं अपने पैरों से चल फिर भी नहीं सकती थी।”

इसके बाद लता मंगेशकर का लंबा इलाज चला था। उनसे पूछा गया कि क्या डॉक्टर्स ने उन्हें कह दिया था कि वह कभी नहीं गा पाएँगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा था, “यह सही नहीं है, यह मेरे धीमे जहर (Slow Poison) के इर्द-गिर्द बुनी गई एक काल्पनिक कहानी है। डॉक्टर ने मुझे नहीं कहा था कि मैं कभी नहीं गा पाऊँगी। मुझे ठीक करने वाले हमारे पारिवारिक डॉक्टर आरपी कपूर ने तो मुझसे यह तक कहा था कि वह ठीक करके रहेंगे। लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूँ कि पिछले कुछ सालों में यह गलतफहमी हुई है। मैंने अपनी आवाज नहीं खोई थी।”

लंबे इलाज के बाद वह ठीक हो गई थीं। उन्होंने कहा था, “इस बात की पुष्टि हो चुकी थी कि मुझे धीमा जहर दिया गया था। डॉ. कपूर का इलाज और मेरा दृढ़ संकल्प मुझे वापस ले आया। तीन महीने तक बेड पर रहने के बाद मैं फिर से रिकॉर्ड करने लायक हो गई थी।”

ठीक होने के बाद लताजी का पहला गाना ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ हेमंत कुमार ने कंपोज किया था। इस गाने ने फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। मालूम हो कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर को भारत रत्न, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों समेत कई सम्मान मिल चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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