Monday, June 24, 2024
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PM मोदी ने पंढरपुर को दी 2 नेशनल हाईवे की सौगात, भगवान विट्ठल से माँगे 3 आशीर्वाद

पीएम मोदी ने बताया कि आज पंढरपुर को जोड़ने वाले करीब सवा 200 किमी लंबे राजमार्ग का भी शुभारंभ हुआ है। इनके निर्माण में करीब 1,200 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (नवंबर 8, 2021) को वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के जरिए पंढरपुर में श्रीसंत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965) और संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग (एनएच-965जी) का शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम ने बताया कि श्रीसंत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग का निर्माण 5 चरणों में होगा और संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से पंढरपुर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को काफी आसानी होगी। इन राजमार्गों के विकास को संत तुकाराम और संत ज्ञानेश्वर से जुड़े शहर पंढरपुर की तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए तैयार किया गया है।

पीएम मोदी ने बताया कि आज पंढरपुर को जोड़ने वाले करीब सवा 200 किमी लंबे राजमार्ग का भी शुभारंभ हुआ है। इनके निर्माण में करीब 1,200 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। ये महामार्ग भगवान विठ्ठल के भक्तों की सेवा के साथ-साथ इस पूरे पुण्य क्षेत्र के विकास का मार्ग बनेंगे। 

अपने संबोधन में पीएम ने इस यात्रा को दुनिया की सबसे प्राचीन और जन यात्राओं के रूप में पीपुल मूवमेंट से जुड़ी बताया। उन्होंने कहा कि ‘आषाढ एकादशी’ पर पंढरपुर यात्रा का विहंगम दृश्य कौन भूल सकता है जहाँ सैंकड़ों श्रद्धालु खिंचे आते हैं। प्रधानमंत्री ने भारत पर हुए हमलों की याद दिलाई और बताया कि हर मुश्किल के बाद भी कैसे भगवान विट्ठल देव में लोगों की आस्था अटूट रही।

वह बोले, “अतीत में हमारे भारत पर कितने ही हमले हुए! सैकड़ों साल की गुलामी में ये देश जकड़ा गया। प्राकृतिक आपदाएँ आईं, चुनौतियाँ आईं, कठिनाइयाँ आईं, लेकिन भगवान विट्ठल देव में हमारी आस्था, हमारी दिंडी वैसे ही अनवरत चलती रही…जो यह बात सिखाती है कि मार्ग अलग हो सकते हैं लेकिन लक्ष्य अंत में सभी का भागवत पंथ ही होता है।”

पीएम ने कहा, “भगवान विट्ठल का दरबार हर किसी के लिए समान रूप से खुला है। और जब मैं सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास कहता हूँ, तो उसके पीछे भी तो यही भावना है। यही भावना हमें देश के विकास के लिए प्रेरित करती है, सबको साथ लेकर, सबके विकास के लिए प्रेरित करती है।”

पंढरपुर की सेवा को पीएम ने इस दौरान साक्षात हरि की सेवा बताया और कहा कि ये वो भूमि है जहाँ भक्तों के लिए भगवान आज भी साक्षात विराजते हैं। ये वो भूमि है जिसके बारे में संत नामदेव महाराज ने कहा था कि पंढरपुर तबसे है जब संसार की भी सृष्टि नहीं हुई थी।

भारतीय संतों पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि भारत भूमि की ये विशेषता है कि समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में यहाँ महान विभूतियाँ अवतरित हुई हैं जिन्होंने देश को दिशा दिखाई है। अपने संबोधन में पीएम ने देश में स्त्री शक्ति की बात की। उन्होंने पंढरपुर को लेकर भगवान विट्ठल से तीन आशीर्वाद माँगे।

इनमें सबसे पहला कि जो श्रीसंत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग का निर्माण होगा, जिस संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग का निर्माण होगा, उसके किनारे जो विशेष पैदल मार्ग बन रहा है, उसके दोनों तरफ हर कुछ मीटर पर छायादार वृक्ष जरूर लगाए जाएँ। दूसरा ये था कि वो पैदल मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूर पर पानी की व्यवस्था देखना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने इन मार्गों पर अनेक प्याऊ बनाने को कहा है। तीसरा ये था कि वो भविष्य में पंढरपुर को भारत के सबसे स्वच्छ तीर्थ स्थलों में देखना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने स्थानीय लोगों को स्वच्छता के आंदोलन का नेतृत्व करने को कहा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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