Thursday, September 23, 2021

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‘जन्माष्टमी पर अपनी हिंदू दोस्त को गोश्त खिला देती थी, मिलती थी शांति’: उर्दू लेखिका, अपनी आत्मकथा में

उर्दू नोवेलिस्ट इस्मत चुगतई लिखती हैं कि उनके घर में टट्टी का अहाता बनाकर उसके पीछे बकरे काटे जाते थे और उसे कई दिनों तक बाँटा जाता था।

आप बना सकते हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड: सिर्फ 4 स्टेप… और ये 15 अगस्त आपके लिए हो जाएगा यादगार

वेबसाइट के मुताबिक, 100 टॉप वीडियोज को 15 अगस्त पर टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया पर भी रिलीज करने के लिए सेलेक्ट किया जाएगा।

45 साल में 54 विरासत देश लौटे, इनमें से 41 तो मोदी सरकार के 7 साल में आईं: 14 कलाकृतियाँ वापस करेगा ऑस्ट्रेलिया

साल 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद विदेशों से 41 कलाकृतियों को वापस भारत लाया गया है। ये अब तक लौटाई गई कुल विरासतों का 75 फीसदी से भी अधिक है।

होली के रंग में जीवन का उल्लास: होलिका, होलाका, धुलेंडी, धुरड्डी, धुरखेल, धूलिवंदन… हर नाम में छिपा है कुछ बहुत खास

आध्यात्मिक रूप से होलिका दहन का मकसद पुराने कपड़ों या वस्तुओं को जलाना ही नहीं है, बल्कि पिछले एक साल की यादों को जलाना है ताकि...

नीलकंठेश्वर मंदिर का रास्ता हुआ साफ, दूर से दिखने लगा इतिहास: इरफान, महबूब, अहमद ने कर लिया था राजमहल पर कब्जा

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में उदयपुर का एक हजार साल पुराना नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर है, जो अब दूर से नजर आने लगा है।

स्वामी विवेकानंद: भारतीय संस्कृति का दुनिया में डंका बजाने वाले राष्ट्रपुरुष का हर दिन होना चाहिए मनन

स्वामी विवेकानंद ने वैज्ञानिक सोच और तर्क से हिंदू धर्म को जोड़ दुनिया को जो संदेश दिया उसकी प्रतिध्वनि का नाद आज भी ब्रह्मांड में गूँज रहा है।

परमार वंश के राजमहल पर काजी इरफान, महबूब और अहमद की निजी संपत्ति का बोर्ड…

परमार वंश के महाराजा उदयादित्य के राजमहल के एक बंद दरवाजे पर टँगा वह साइनबोर्ड नए इतिहास की घोषणा कर रहा है- ‘निजी संपत्ति, उदयपुर पैलेस, वार्ड नंबर-14, खसरा नंबर-822, काजी सैयद इरफान अली, काजी सैयद महबूब अली, काजी सैयद अहमद अली।’

बाँका में मिले नदी-घाटी सभ्यता के अवशेष: ईंटें किश्चियन तारीख से पहले के, ग्रीक लेखकों ने भी किया था वर्णन

बिहार के बाँका जिले के भदरिया गाँव के समीप चांदन नदी के बीच कुछ अति-प्राचीन घरों की शृंखला मिली है। घरों की दीवारें 20 से 30 फीट तक चौड़ी...

प्रेम के प्रतीक हैं अर्धनारीश्वर शिव! श्रावण मास में जानिए वेदों के रुद्र से लोक के भोलेनाथ तक की त्र्यम्बक यात्रा

समाज के त्यक्त, तिरस्कृत और भयोत्पादक तत्त्वों को स्नेहपूर्वक अंगीकार करने वाले हैं शिव। जिस साँप बिच्छू को देखकर समाज डर जाता है, उसे...

रामचंद्र गुहा का अंधत्व: गुजरात में धन+संस्कृति का कॉम्बिनेशन, बंगाल के पास ‘ममता’ और यही इनकी संस्कृति

बंगाल के पास ‘ममता दीदी’ हैं, यही इनकी संस्कृति। गुजरात के पास नरेंद्र दामोदरदास मोदी हैं, यह भी गुजरात की संस्कृति है। इस पहचान पर गुजरात...

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