Monday, January 17, 2022
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पंजाब के राज्यपाल ने Queen Elizabeth के जन्मदिन पर मिले निमंत्रण को ठुकराया, बताई ये वजह

महारानी एलिज़ाबेथ ने कहा कि जलियाँवाला बाग़ नरसंहार भारतीय-ब्रिटिश इतिहास पर एक काला धब्बा है। इसी तरह पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरून ने भी पंजाब दौरे के दौरान ब्रिटिश इतिहास का बहुत ही शर्मनाक वाकया बताया था।

पंजाब के राज्यपाल विजयेंद्र पाल सिंह बडनोर ने ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ के जन्मदिवस के मौके पर ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने से इनकार कर दिया। बुधवार (अप्रैल 10, 2019) को क्वीन एलिज़ाबेथ ने अपना 93वाँ जन्मदिन मनाया। पंजाब के राज्यपाल ने जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के भी इतिहास में उसी दिन होने के कारण इस कार्यक्रम में शिरकत करने से मना कर दिया। ब्रिटिश हाईकमीशन के डिप्टी हाई कमिश्नर एंड्रयू आयरे ने अपने निवास पर एक भव्य पार्टी का आयोजन किया था, इसमें बडनोर को मुख्य अतिथि के तौर पर निमंत्रित किया गया था। राज्यपाल ने कहा कि वो इस कार्यक्रम में नहीं जा सकते क्योंकि इसी दिन जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड की 100वीं बरसी भी है।

बडनोर चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक भी हैं। ब्रिटिश हाई कमीशन को भेजे पत्र में बडनोर ने लिखा:

“महारानी के जन्मदिवस के अवसर पर आपने-अपने निवास पर मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं महारानी की लम्बी उम्र और अच्छी सेहत की कामना करता हूँ। हालाँकि, मेरे लिए इस कार्यक्रम में शिरकत करना गर्व की बात होती लेकिन चूँकि ये जलियाँवाला बाग़ में हुए निर्मम नरसंहार की 100वीं बरसी की पूर्व संध्या पर आयोजित किया जा रहा है, इसीलिए मैं इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में असमर्थ हूँ।”

बता दें कि जलियाँवाला नरसंहार के दौरान महिलाओं, बच्चों व बुज़ुर्गों सहित सैंकड़ों निहत्थे और निर्दोष भारतीयों को मार डाला गया था। जनरल डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश जवानों ने 13 अप्रैल 1919 को अमृसतर में इस निंदनीय कृत्य को अंजाम दिया था। अभी हाल ही में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे काले अध्याय के रूप में जाने जाने वाले इस नरसंहार के बारे में बात करते हुए ब्रिटिश मंत्री मार्क फिल्ड ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था कि उन्हे इस पर गहरा पछतावा है और जल्द ही एक माफ़ीनामा जारी किया जाएगा।

महारानी एलिज़ाबेथ ने कहा कि ये नरसंहार भारतीय-ब्रिटिश इतिहास पर एक काला धब्बा है। इसी तरह पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरून ने भी पंजाब दौरे के दौरान ब्रिटिश इतिहास का बहुत ही शर्मनाक वाकया बताया था। हाउस ऑफ कॉमन्स में बहस के दौरान लेबर पार्टी के प्रीत कौर गिल ने कहा कि ब्रिटिश शासन द्वारा जलियाँवाला बाग़ नरसंहार की ज़िम्मेदारी लेते हुए औपचारिक माफ़ी माँगी जानी चाहिए। लेबर पार्टी के ही वीरेंदर शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफ़ी माँगे।

पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बडनोर 1999 और 2004 में लोकसभा सांसद बन चुके हैं। उससे पहले वो 4 बार विधायक भी रहे हैं। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद संभाल चुके बडनोर कई वर्षों तक राजस्थान भाजपा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। 2010 से 2016 तक राज्यसभा सांसद रहे बडनोर को अगस्त 2016 में पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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