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नहीं रहीं ‘शूटर दादी’ चंद्रो तोमर, मेरठ के अस्पताल में हुआ निधन: कोरोना से संक्रमित थीं

दादी चंद्रों तोमर के ऊपर 'साँड की आँख' नामक फिल्म भी बन चुकी है। उनकी पोती शेफाली को शूटिंग सीखनी थी, तभी से उन पर भी शूटर बनने का जोश सवार हुआ।

‘शूटर दादी’ के नाम से जानी जाने वाली चंद्रो तोमर का निधन हो गया है। वो कोरोना वायरस से संक्रमित थीं। 89 वर्षीय दादी चंद्रो तोमर ने देश-विदेश में कई शूटिंग प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया था। ‘शूटर दादी’ चंद्रों तोमर का निधन मेरठ के एक अस्पताल में हुआ, जहाँ कोरोना संक्रमित होने के बाद उनका इलाज चल रहा था। वो उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली थीं। उनके ट्विटर पेज से उनके निधन की पुष्टि की गई।

दादी चंद्रों तोमर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से जुड़ी रहती थीं और सभी उनके हुनर के साथ-साथ उनकी खुशमिजाजी के भी कायल थे। उनके ऊपर ‘साँड की आँख’ नामक फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें उनका किरदार अभिनेत्री भूमि पेड़नेकर ने निभाया था। दादी चंद्रों तोमर ने अपनी सफलता का श्रेय घर में किए जाने वाले रोजमर्रा के कार्यों को दिया था, जैसे – हाथ से गेहूँ पीसना, गायों का दूध दूहना और घास काटना।

दादी चंद्रो तोमर के 5 बेटे-बेटियाँ और 12 पोते-पोतियाँ हैं। उनकी पोती शेफाली को शूटिंग सीखनी थी, तभी से उन पर भी शूटर बनने का जोश सवार हुआ। जोहरी राइफल क्लब में लड़कों की संख्या अधिक होने के कारण जब उनकी पोती शरमा रही थी, तब उन्होंने उसे ढाँढस बँधाने के लिए बंदूक हाथ में थामी थी। उनकी भतीजी सीमा तोमर भी शूटर है और राइफल एंड पिस्टल वर्ल्ड कप 2010 में ख़िताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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