Wednesday, May 22, 2024
Homeविविध विषयअन्य68 साल बाद फिर से टाटा की एयर इंडिया: जानिए मीडिया रिपोर्टों पर सरकार...

68 साल बाद फिर से टाटा की एयर इंडिया: जानिए मीडिया रिपोर्टों पर सरकार ने क्या कहा

मीडिया रिपोर्टों को वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने गलत बताया है। साथ ही कहा है कि जब इस संबंध में फैसला होगा मीडिया को उसकी जानकारी दी जाएगी।

कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया किसकी होगी यह जानने के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा। टाटा संस द्वारा नीलामी प्रक्रिया जीत लेने की खबरों का सरकार ने खंडन किया है। मीडिया रिपोर्टों को वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने गलत बताया है। साथ ही कहा है कि जब इस संबंध में फैसला होगा मीडिया को उसकी जानकारी दी जाएगी।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था किएयर इंडिया को टाटा संस खरीदने जा रही है। टाटा संस की बोली को केंद्र सरकार ने मँजूरी दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया था टाटा ग्रुप ने स्पाइस जेट से ज्यादा की बोली लगाई थी। इसके बाद से 68 साल बाद एयर इंडिया की घर वापसी की ख़बरों ने जोड़ पकड़ लिया था। एयर इंडिया की शुरुआत 1932 में जेआरडी टाटा ने की थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसकी सेवाएँ बंद की गई थी। दोबारा 1946 में जब इसकी सेवा बहाल हुई तो नाम टाटा एयरलाइंस से बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड हो गया। देश स्वतंत्र होने के बाद एयर इंडिया की 49 फीसदी भागीदारी सरकार ने ले ली थी। इसके बाद 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार अनुराधा शुक्ल ने ट्वीट कर कहा था कि वित्त मंत्रालय के सूत्रों का दावा है कि एयर इंडिया के लिए बोली टाटा ने जीती है। गृह मंत्रालय की अगुवाई वाले पैनल ने इसको मँजूरी दे दी है। अब इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

आपको बता दें कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में सरकार अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रही है। एयर इंडिया की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी AISATS में भी 50 फीसदी हिस्सेदारी बेची जा रही है। टाटा के अलावा इसके लिए स्पाइसजेट के अजय सिंह ने भी बोली लगाई थी।

मोदी सरकार के निजीकरण कार्यक्रम में एयर इंडिया हमेशा से सबसे ऊपर रहा है। इससे पहले 2018 में सरकार ने एयर इंडिया में 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी। लेकिन तब इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे। एयर इंडिया पर 38 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जम्मू-कश्मीर में फिर से 370 बहाल करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- फैसला सही था: CJI की बेंच ने पुनर्विचार याचिकाओं को किया...

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर दिए गए निर्णय को लेकर दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया।

‘दिखाता खुद को सेकुलर है, पर है कट्टर इस्लामी’ : हिंदू पीड़िता ने बताया आकिब मीर ने कैसे फँसाया निकाह के जाल में, ठगे...

पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया कि आकिब खुद को सेकुलर दिखाता है, लेकिन असल में वो है इस्लामवादी। उसने महिला से कहा हुआ था वह हिंदू देवताओं को न पूजे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -