Monday, June 17, 2024
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साइबर फ्रॉड को रोकेग चक्षु (Chakshu), केंद्र सरकार ने लॉन्च की नई सेवा: धमकाने, फ्रॉड करने वालों के नंबर होंगे ब्लॉक, अनचाहे कॉल-मैसेज से भी छुट्टी

बैंक से बोल रहा हूँ, KYC अपडेट करवा लो... क्रेडिट कार्ड का नंबर दो... अकाउंट में पैसे भेजने हैं, डिटेल भेजो... अगर ऐसे स्पैम या धमकी या फ्रॉड टाइप के मैसेज या फोन कॉल से हैं परेशान तो चक्षु पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाइए। केंद्र सरकार ने इसे साइबर फ्रॉड को रोकेने के लिए लॉन्च किया है।

बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के टेलिकॉम मंत्रालय ने चक्षु पोर्टल (Chakshu) की शुरुआत की है। अब आम जनता अपने मोबाइल पर आने वाले किसी भी फ्रॉड कॉल या मैसेज की शिकायत सीधे इस पोर्टल पर दर्ज करवा सकती है। यह पोर्टल उनके लिए भी लाभदायक साबित होगा, जो अनचाही कॉल से परेशान हैं। शिकायत के बाद बाकायदा नंबर की जाँच होगी। गलत पाए जाने पर न सिर्फ नंबर को बंद कर दिया जाएगा बल्कि अपराध में संलिप्त नंबरों की जानकारी सीधे गृह मंत्रालय को भेज दी जाएगी। चक्षु सेवा सोमवार (3 मार्च 2024) को लॉन्च की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चक्षु पोर्टल पर आम नागरिक खुद को आने वाली अनचाही कॉल और फ्रॉड आदि की शिकायत दर्ज करवा पाएँगे। इस सेवा के तहत कागजात एक्सपायर अथव रिन्यूवल, KYC अपडेट, लॉटरी, बिजली अथवा गैस कनेक्शन आदि के नाम पर फर्जीवाड़ा, अश्लील वीडियो/फोटो के नाम पर ब्लैकमेलिंग अथव धमकी आदि की शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। अब इन मामलों की शिकायत के लिए पीड़ित को https://sancharsaathi.gov.in/sfc/Home/sfc-complaint.jsp पर जाना होगा।

पोर्टल का होमपेज खुल जाने के बाद इसके मीडियम वाले बॉक्स में वह माध्यम बताना होगा, जिसके माध्यम से पीड़ित को सम्पर्क हुआ था। इन माध्यमों में SMS, कॉल अथवा व्हाट्सएप का विकल्प भरा जा सकता है। इसके बाद वाली कैटेगरी में यह भरना होगा कि उनके साथ किस प्रकार के फ्रॉड अथवा उनको धमकी देने की कोशिश की गई। इसके बाद पीड़ित को इसी विल्कल्प में उस कॉल या मैसेज का स्क्रीनशॉट अटैच करना होगा, जिससे उसे परेशान किया गया। अगले विकल्प के तौर पर धमकी अथवा ब्लैकमेलिंग का दिन और समय भरना होगा।

चित्र साभार- sancharsaathi.gov.in

इसके बाद अगले कॉलम में पीड़ित को अपने बारे में विस्तार से बताना होगा। यह सीमा अधिकतम 500 शब्दों की होगी। जिस स्थान पर पर्सनल डिटेल माँगी जाएगी, वहाँ पीड़ित को अपना नाम, पता और फोन नंबर भरना पड़ेगा। अंत में पीड़ित को OTP आएगी, जिसको भरने के बाद शिकायत दर्ज हो जयएगी। इस शिकायत पर टेलिकॉम मंत्रालय शिकायत किए गए नंबर की जाँच करेगा। जाँच में संदिग्ध नंबर की इनकमिंग और आउटगोइंग चेक की जाएगी। अगर कुछ भी गलत पाया गया तो नंबर की ऑउटगोइंग बंद करने के साथ उसे ब्लॉक तक किए जाने की कार्रवाई मंत्रालय द्वारा की जाएगी।

शिकायत मिलते ही फोन ट्रेसिंग पर लग जाता है। शिकायत किए गए सभी नंबरों से उनकी पहचान कन्फर्म करवाने के लिए कहा जाएगा। इसके अतिरिक्त अगर संबंधित नंबर किसी भी प्रकार के अपराध में संलिप्त पाया गया तो टेलिकॉम मंत्रालय उसकी जानकारी गृह मंत्रालय को भेज देगा। गृह मंत्रालय इसकी जाँच करवा के नियमानुसार कार्रवाई करेगा। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार भी हो जाता है तो उसे साइबर अपराध के नंबर 1090 पर कॉल करना होगा। इस धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत https://www.cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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