अल-क़ायदा की धमकियों से नहीं डरता भारत, हमारे सुरक्षा बल सक्षम: विदेश मंत्रालय

आतंकवादी संगठन अल-क़ायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर की सरकार पर बिना रुके हमले होते रहने चाहिए।

अल-क़ायदा सरगना अल जवाहिरी के धमकी भरे वीडियो को लेकर केन्द्र सरकार ने कहा है कि इसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “ऐसी धमकियाँ हम सुनते रहते हैं, मुझे नहीं लगता कि हमें इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।” उन्होंने कहा है कि हमारे सुरक्षाबल क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।

आतंकवादी संगठन अल-क़ायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर की सरकार पर बिना रुके हमले होते रहने चाहिए।

ख़बर के अनुसार, यह वीडियो अल-क़ायदा के मीडिया विंग कमांडर अल शबाब ने ‘डोन्ट फॉरगेट कश्मीर’ नाम से जारी किया। इसमें जवाहिरी ने कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद के मामलों में पाकिस्तान का हाथ होने की बात भी कही है।

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वीडियो में जवाहिरी ने यह भी कहा है कि कश्मीर में मुजाहिद्दीन को भारतीय सेना और सरकार पर लगातार हमले करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ऐसा करने से भारत की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो जाएगी और भारत के संसाधनों को लगातार क्षति पहुँचती रहेगी। इस वीडियो मैं हाल ही में मारे गए मूसा के बारे में जवाहिरी ने कोई ज़िक्र नहीं किया है, लेकिन अंसार गजवत-उल-हिंद के संस्थापक की तस्वीर स्क्रीन पर दिखाई गई है।

वहीं, करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर रवीश कुमार ने कहा, “हम चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा हो जाए। जहाँ तक इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात है तो दो पहलुओं पर काम चल रहा है। इनमें से एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल और एक चार लेन का हाईवे है, जो करतारपुर कॉरिडोर के जीरो पॉइंट को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगा।”

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि दोनों प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा हो जाएगा। यात्री टर्मिनल सितंबर 2019 तक और हाईवे का काम अक्टूबर 2019 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसलिए ऐसी रिपोर्ट्स जो यह बता रही हैं कि हमारे प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहे हैं, ग़लत हैं।”

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संदिग्ध हत्यारे
संदिग्ध हत्यारे कानपुर से सड़क के रास्ते लखनऊ पहुंचे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बरेली में रात बिताई थी। हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के दाहिने हाथ में चोट लगी थी और उसने बरेली में उपचार कराया था।

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