Thursday, April 22, 2021
Home देश-समाज कृषि कानूनों के समर्थन में उतरे 10 किसान संगठन, कहा- अराजक तत्व कर रहे...

कृषि कानूनों के समर्थन में उतरे 10 किसान संगठन, कहा- अराजक तत्व कर रहे हैं गलतफहमी पैदा करने की कोशिश

किसान नेताओं ने कहा कि वे देश के विभिन्न हिस्सों से एकजुट होकर केंद्र सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए आए हैं, जिन्होंने ऐसा कानून लाया है, जो किसान की किस्मत बदल देंगे।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ तथाकथित किसानों द्वारा जारी विरोध के बीच अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) से जुड़े दस किसान नेताओं ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की और संसद में पारित तीन नए कृषि कानूनों को अपना समर्थन दिया। अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) किसानों का चौथा समूह है, जिन्होंने पिछले दो सप्ताह में कृषि कानूनों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।

किसानों संगठनों के ये प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा जैसे कई राज्यों से केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलने और तीन कृषि कानूनों को अपना समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे। नई दिल्ली में उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को अपना ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में खास तौर पर उन अराजत तत्वों को लताड़ा गया है, जो नए कानूनों के खिलाफ किसानों को गलत जानकारी देने और उन्हें भड़काने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार, किसानों के विरोध में शामिल कुछ अराजक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच कृषि कानूनों के बारे में गलत धारणा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

कुछ लोग कानून के खिलाफ भड़का कर उन्हें वापस काल कोठरी में भेजना चाहते हैं: AIKCC

किसान नेताओं ने उल्लेख किया कि पिछले तीन दशकों में किसानों का शोषण करने वाले कानूनों के खिलाफ एआईसीसी ने हमेशा आवाज उठाई है और आगे भी ऐसा करना जारी रखेगा। नए कानूनों को अपना समर्थन देने के पीछे की वजह बताते हुए संगठन ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के लिए एक नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शामिल अराजक तत्व किसानों को मोदी सरकार द्वारा लाए गए कानूनों के खिलाफ भड़का कर उन्हें वापस काल कोठरी में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।

उनका तर्क था कि किसानों को एपीएमसी का पालन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, किसानों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र कृषि कानूनों को रद्द करती है तो वे सड़कों पर उतरेंगे। ज्ञापन में किसानों को आधुनिक तकनीक की उपलब्धता, कृषि उपकरणों और उर्वरकों पर जीएसटी में कमी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के पूर्ण निरसन जैसी अन्य माँगों को भी सूचीबद्ध किया गया।

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति ने केंद्र सरकार का जताया आभार

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) से जुड़े किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह नए कृषि कानूनों को लागू करने के अपने फैसले पर अड़े रहें और प्रदर्शनकारी किसानों की त्रुटिपूर्ण माँगों को न मानें। उन्होंने कहा कि वे देश के विभिन्न हिस्सों से एकजुट होकर केंद्र सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए आए हैं, जिन्होंने ऐसा कानून लाया है, जो किसान की किस्मत बदल देगा। 

इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर 40 किसान यूनियनों के साथ खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमने किसानों और किसान यूनियनों के नेताओं को समझाने की कोशिश की। हमारी इच्छा है कि वे क्लाउज-बाइ-क्लाउज चर्चा के लिए आएँ। यदि वे क्लाउज-बाइ-क्लाउज अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए तैयार हैं, तो हम चर्चा के लिए तैयार हैं।”

गौरतलब है कि विपक्षी दलों, खालिस्तानी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के हाथों ‘किसान आंदोलन’ के हाइजैक होने के बाद अब किसान संगठनों में भी आपस में लड़ाई शुरू हो गई है। कोई वार्ता के पक्ष में है तो कोई तीनों कृषि कानूनों की वापसी के बगैर बातचीत नहीं करना चाहता।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के ‘एकता उगराहा’ गुट ने सोमवार (दिसंबर 14, 2020) को आयोजित उपवास से खुद को अलग कर लिया। बीकेयू (भानु) के तीन नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। वहीं कॉन्ग्रेस नेता और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के प्रमुख सरदार वीएम सिंह आंदोलन में पंजाब के किसानों के दबदबे से नाराज बताए जा रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।

गुजरात: अली मस्जिद में सामूहिक नमाज से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर किया हमला, वाहनों को फूँका

गुजरात के कपड़वंज में पुलिस ने जब सामूहिक नमाज पढ़ने से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। चौकी और थाने में तोड़फोड़ की।

पाकिस्तानी फ्री होकर रहें, इसलिए रेप की गईं बच्चियाँ चुप रहें: महिला सांसद नाज शाह के कारण 60 साल के बुजुर्ग जेल में

"ग्रूमिंग गैंग के शिकार लोग आपकी (सासंद की) नियुक्ति पर खुश होंगे।" - पाकिस्तानी मूल के सांसद नाज शाह ने इस चिट्ठी के आधार पर...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,783FansLike
82,897FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe