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पुलिस से बहस कर सड़क पर पढ़ी गई जनाजे की नमाज, रजा अकादमी के संस्थापक समेत 125 के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले के संबंध में सईद नूरी, सलीम बाटावाला, हासाभाई, मुन्नाभाई और 120 लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज किया। मगर, फिलहाल इनमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

मुंबई में डोंगरी पुलिस ने रज़ा अकादमी के संस्थापक सईद नूरी समेत 125 लोगों के खिलाफ सोमवार (मई 11, 2020) को लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज किया। इन लोगों पर आरोप है कि ये सभी लोग जनाजे की नमाज को बिना सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किए अता कर रहे थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, डोंगरी पुलिस ने बताया, 7 मई को रजा अकादमी से जुड़े 72 वर्षीय नल बाजार निवासी बाबू बाटावाला का इंतकाल हो गया था। इसके बाद उनकी शवयात्रा निकाली गई। जिसमें लॉकडाउन का नियम तोड़ते हुए भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए।

पुलिस ने बताया कि बाबू के जनाजे में करीब 150 लोग इकट्ठा हुए। मगर, पुलिस के अनुरोध के बावजूद इन लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से इंकार कर दिया और पुलिस अधिकारियों से बहस की। इसके बाद इन्होंने ताबूत को रास्ते में रखा और बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जनाजे की नमाज अता की।

अब पुलिस ने इस मामले के संबंध में सईद नूरी, सलीम बाटावाला, हासाभाई, मुन्नाभाई और 120 लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज किया। मगर, फिलहाल इनमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

इस मामले में सबसे हास्यास्पद बात ये है कि जिन सईद नूरी के खिलाफ पुलिस ने कल सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया है, वही सईद नूरी पिछले दिनों मुंबई पुलिस की ओर से अपने समुदाय के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करने की सलाह दे रहे थे।

इसके अलावा वे साल 2012 में आजाद मैदान में हुए दंगों में भी आरोपित हैं। जिसमें मुंबई पुलिस के मुताबिक कुल 2.74 करोड़ रुपयों की सार्वजनिक व निजी संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया गया।

गौरतलब है कि इन दिनों कोरोना के कारण महाराष्ट्र के हालात बदतर हैं। ऐसे में इस तरह की हरकत व मनमानियाँ वहाँ की स्थिति को और बिगाड़ने में उत्तरदायी हो सकती है। इसलिए, उक्त लोगों पर उपयुक्त कार्रवाई आवश्यक है।

बता दें, लॉकडाउन के बाद से ऐसे कई मामले आए है, जहाँ नमाज के नाम पर नियमों का उल्लंघन कई बार हुआ। अभी बीते महीने ग्रेटर नोएडा से नमाज से जुड़ा ऐसा ही मामला आया था। जहाँ लॉकडाउन के बावजूद दो दर्जन लोग जमा हो गए थे और नमाज पढ़ने जा रहे थे। हालाँकि पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही एक्शन लिया गया था और 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इससे पहले मध्यप्रदेश में नमाज पढ़ने की खातिर इकट्ठा हुई भीड़ प्रशासन के लिए मुसीबत का कारण बनी थी और उस समय 40 पर मामला दर्ज किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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