Wednesday, June 29, 2022
Homeदेश-समाजजम्मू-कश्मीर में वर्षों से बंद 50 हजार मंदिर खोलने की तैयारी में सरकार, जल्द...

जम्मू-कश्मीर में वर्षों से बंद 50 हजार मंदिर खोलने की तैयारी में सरकार, जल्द होगा सर्वे: गृह राज्यमंत्री

"हमने कश्मीर घाटी में बंद पड़े स्कूलों के सर्वे के लिए एक कमिटी का गठन किया है, जिन्हें दोबारा खोला जाएगा। इसके अलावा पिछले कुछ सालों में करीब 50 हजार मंदिर बंद हुए हैं, जिनमें से कुछ नष्ट हो गए थे और मूर्तियाँ टूटी हुई हैं। हमने ऐसे मंदिरों के सर्वे का भी आदेश दिया है।"

जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार सालों से बंद पड़े 50 हजार मंदिरों को खोलने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक सरकार जल्द इन मंदिरों की पहचान करने के लिए सर्वेक्षण करवाने वाली है। इस खबर की पुष्टि खुद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने की है। उन्होंने बताया है कि जिन मंदिरों का सर्वेक्षण सरकार करवाने जा रही है, वो ऐसे मंदिर हैं, जिन्हें तोड़ा गया है या फिर उनकी मूर्तियाँ खंडित की गई हैं। इसके अलावा गृह राज्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिरों के साथ घाटी में लंबे वक्त से बंद पड़े स्कूलों को भी दोबारा खोलने के लिए भी सर्वेक्षण कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “हमने कश्मीर घाटी में बंद पड़े स्कूलों के सर्वे के लिए एक कमिटी का गठन किया है, जिन्हें दोबारा खोला जाएगा। इसके अलावा पिछले कुछ सालों में करीब 50 हजार मंदिर बंद हुए हैं, जिनमें से कुछ नष्ट हो गए थे और मूर्तियाँ टूटी हुई हैं। हमने ऐसे मंदिरों के सर्वे का भी आदेश दिया है

इस दौरान गृह राज्य मंत्री रेड्डी ने घाटी में सिनेमा खोलने के बारे में भी बात कही। उन्होंने कहा, “घाटी में पिछले 20 सालों से कोई सिनेमा नहीं खुला हुआ है, इसलिए हम एक सिनेमा खोलने की भी सोच रहे हैं। हम उन स्कूलों, सिनेमाघरों और मंदिरों का सर्वेक्षण करवाएँगे जिन्हें बंद कर दिया गया है।”

इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार के बारे में बताया कि मोदी सरकार कश्मीर में आतंकवाद मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। हमारी सरकार घाटी से नफरत को जड़ से खत्म करके रहेगी।

गौरतलब है कि दशकों तक घाटी में आतंकवाद के कारण पलायन के लिए मजबूर हुए कश्मीरियों के विस्थापन के बाद कई मंदिरों को वहाँ बंद कर दिया गया था और आतंकियों ने बड़ी तादाद में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार करने के साथ मूर्तियों को भी खंडित किया था। यहाँ मंदिरों में तोड़फोड़ हुई थी और उनके द्वार भी बंद कर दिए गए थे। इन मंदिरों में शोपियाँ के भगवान विष्णु और पहलगाम में भगवान शिव के प्राचीन मंदिर भी हैं। जिन्हें अब सरकार खोलने की तैयारी में है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इस्लाम ज़िंदाबाद! नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं’: कन्हैया लाल का सिर कलम करने का जश्न मना रहे कट्टरवादी, कह रहे – गुड...

ट्विटर पर एमडी आलमगिर रज्वी मोहम्मद रफीक और अब्दुल जब्बार के समर्थन में लिखता है, "नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं।"

कमलेश तिवारी होते हुए कन्हैया लाल तक पहुँचा हकीकत राय से शुरू हुआ सिलसिला, कातिल ‘मासूम भटके हुए जवान’: जुबैर समर्थकों के पंजों पर...

कन्हैयालाल की हत्या राजस्थान की ये घटना राज्य की कोई पहली घटना भी नहीं है। रामनवमी के शांतिपूर्ण जुलूसों पर इस राज्य में पथराव किए गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
200,225FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe