Homeदेश-समाजमॉब लिंचिंग: क़मरुद्दीन कुरैशी को मारने वाले शहाबुद्दीन शेख, इस्तियाक खान समेत 6 लोग...

मॉब लिंचिंग: क़मरुद्दीन कुरैशी को मारने वाले शहाबुद्दीन शेख, इस्तियाक खान समेत 6 लोग गिरफ्तार

कमरुद्दीन की गुरुवार शाम आरोपितों के साथ बहस हुई थी। उनलोगों ने उसे मारने की धमकी दी। बाद में उसे सलामताबाद जोहर मस्जिद के पास कल्लू स्टेडियम रोड पर पकड़ लिया और धारदार हथियार से वार किए।

मालेगाँव में गुरुवार को 20 साल के युवक की हत्या के मामले में मालेगाँव पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मालेगाँव के सलामताबाद में क़मरुद्दीन कुरैशी उर्फ अमिन गोली की एक मामूली विवाद के चलते 6 लोगों ने मिलकर धारदार हथियार से हत्या कर दी थी।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने अब तक शहाबुद्दीन शेख, इस्तियाक खान अब्दुल गफुर खान, शेख आसिफ शेख मक़सूद, शेख शोएब शेख मक़सूद, शेख वसीम शेख यूनुस, और सलमान खान ज़ाकिर को गिरफ्तार किया है। ये सभी मालेगाँव के रहने वाले हैं। इन 6 के अलावा पुलिस अभी एक अन्य आरोपित की तलाश कर रही है।

बताया जाता है कि गुरुवार की शाम कमरुद्दीन की आरोपितों के साथ बहस हुई थी। उनलोगों ने उसे मारने की धमकी दी थी। बाद में हमलवारों ने उसे सलामताबाद जोहर मस्जिद के पास कल्लू स्टेडियम रोड पर पकड़ लिया और धारदार हथियार से वार किए।

घटना की जानकारी मिलने पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे, पुलिस उपाधीक्षक रत्नाकर नवले, इंस्पेक्टर जीएसआर पाटिल और अन्य अधिकारी मौके पर पहुँचे। हमले से गंभीर रूप से घायल हुए कमरुद्दीन को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपितों को पकड़ने में सफल रही।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -