Monday, June 17, 2024
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‘मन की बात में जिक्र होने के बाद बढ़ गया व्यवसाय’: पेन्सिल-स्लेट का कारोबार करते हैं कश्मीर के मंजूर अहमद, 100वें एपिसोड में PM मोदी ने की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन पहली बार 'मन की बात' का संबोधन किया था। उसके बाद के कई एपिसोड में उन्होंने स्वच्छता अभियान, बेटी पढ़ाओ, साक्षरता, वोकल फॉर लोकल, पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों का सम्मान, परीक्षा पर चर्चा, पर्यटन को बढ़ावा जैसे कई मुद्दों पर बात की। यह कार्यक्रम वे हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अप्रैल 2023) को अपने ‘मन की बात’ (Mann kKi Baat) के 100वें एपिसोड में कई शख्सियतों की चर्चा की। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मंजूर अहमद हैं। इस दौरान पीएम ने पेंसिल स्लेट्स के बारे में बताते हुए मंजूर अहमद से बात भी की। 

इस एपिसोड में पीएम मोदी ने कई पुरानी यादों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने मंजूर से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। पीएम ने उनसे पूछा, “आपका पेंसिल स्लेट्स का काम कैसा चल रहा है?” इस प मंजूर अहमद ने कहा, “बहुत अच्छे से चल रहा है।”

पीएम मोदी से मंजूर ने कहा, “जब से आपने अपनी ‘मन की बात’ में मेरी बात की है, तब से काम बहुत बढ़ गया है। अब दूसरों को रोजगार मिल रहा है। मेरे पास 200 से ज्यादा लोग काम करते हैं। एक-दो महीने में और 200 लोगों को रोजगार बढ़ जाएगा।” इसके बाद पीएम ने खुशी जताई।

पीएम मोदी ने कहा, “उस दिन आपने मुझे कहा था कि यह ऐसा काम है, जिसकी कोई पहचान नहीं है। आपको इसकी पीड़ा भी थी। अब पहचान भी बन गई। आप 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं। अब विस्तार करके और 200 लोगों को रोजगार की योजना बना रहे रहे हैं। यह खुशी की बात है।”

इसके बाद मंजूर अहमद ने कहा, “किसानों को भी फायदा मिला है। 2000 का पेड़ अब 5000 का हो गया है। माँग बढ़ गई है। पहचान भी मिल रही है।” प्रधानमंत्री ने इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ की ताकत बताया। उन्होंने इसे जमीन पर उतारकर दिखाने के लिए मंजूर अहमद को धन्यवाद भी दिया।

मंजूर पुलवामा जिले के ओखू गाँव में रहते हैं और पेंसिल एवं स्लेट का कारोबार करते हैं। ओखू गाँव अब पेंसिल गाँव के नाम से जाना जाता है। पेंसिल बनाने में जिस कच्चे माल की जरूरत होती है, वो यहीं मिलता है। मंजूर ने हिंदुस्तान पेंसिल की मदद ली और ओखू गाँव में फैक्ट्री लगा ली। हालाँकि, उनका बिजनेस बहुत बढ़िया नहीं चलता था।

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने अपने पहले के एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री द्वारा उनका जिक्र किए जाने के बाद मंजूर अहमद का व्यवसाय बढ़ गया है और अब वह दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 के एक एपिसोड में मंजूर अहमद का जिक्र किया था।

पीएम ने अन्य लोगों की भी चर्चा की

इस दौरान पीएम मोदी ने मणिपुर की विजय शांति से भी फोन पर बातचीत की। पीएम ने बताया कि विजय शांति कमल के फूल के रेसे से कपड़े बनाती हैं। बहुत ही कम समय में उन्होंने अपने छोटे से व्यापार को बड़ा बना दिया। अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विजय शांति

इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदीप सांगवान से भी बात की, जिन्होंने हीलिंग हिमालया फाउंडेशन की शुरुआत की थी। वे हिमालय क्षेत्र से कचरा हटाने कर पर्यावरण को संरक्षित करने का काम करते हैं। सांगवान ने कहा कि जो काम पाँच में होता था वह साल 2020 के बाद एक साल में ही हो जाता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में उनकी चर्चा होने से लोग उनकी मदद भी कर रहे हैं।

हरियाणा के सुनील जागलान से भी पीएम मोदी ने बात की। पीएम मोदी ने कहा, “मैंने बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का अभियान हरियाणा से ही शुरू किया था। जब सुनील जी के ‘सेल्फी विद डॉटर कैम्पेन’ पर नजर पड़ी तो मैंने उसे ‘मन की बात’ में शामिल किया।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के दिन पहली बार ‘मन की बात’ का संबोधन किया था। उसके बाद के कई एपिसोड में उन्होंने स्वच्छता अभियान, बेटी पढ़ाओ, साक्षरता, वोकल फॉर लोकल, पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों का सम्मान, परीक्षा पर चर्चा, पर्यटन को बढ़ावा जैसे कई मुद्दों पर बात की। यह कार्यक्रम वे हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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