Thursday, April 22, 2021
Home देश-समाज एक का गैंगरेप, दूसरी पर धर्मांतरण का दबाव: आदिवासी नाबालिगों की आवाज उठाने पर...

एक का गैंगरेप, दूसरी पर धर्मांतरण का दबाव: आदिवासी नाबालिगों की आवाज उठाने पर 14 ABVP कार्यकर्ता पहुँचे जेल

एक मामला - 14 साल की एक आदिवासी लड़की के साथ गैंगरेप। दूसरा मामला - 13 साल की एक आदिवासी लड़की को चर्च भेजा, बनाया उस पर धर्मांतरण का दबाव। इन दोनों मामलों में न्याय की बात करने पर कॉन्ग्रेसी नेता मो. अकबर ने...

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP/अभाविप) के सदस्य इन दिनों दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाने के लिए लगातार पुलिस प्रशासन के ख़िलाफ़ आवाज उठा रहे हैं। इस चक्कर में छात्र संगठन के कम से कम 14 सदस्यों की गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं दर्जन भर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि एबीवीपी के प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक घेराव करते हुए बैरिकेडिंग तोड़ी थी, इसलिए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई।

पूरा मामला राज्य के कवर्धा जिले का है। छत्तीसगढ़ के एबीवीपी प्रदेश मंत्री शुभम जैसवाल ऑपइंडिया को जानकारी देते बताते हैं कि संगठन का प्रदर्शन 2 मामलों को लेकर था। पहला जिसमें एक 14 साल की आदिवासी लड़की के साथ गैंगरेप हुआ और दूसरा 13 साल की आदिवासी लड़की, जिसे बिना उसकी इच्छा के आंध्र प्रदेश चर्च भेज दिया गया।

14 साल की आदिवासी लड़की का गैंगरेप

शुभम पहले मामले का जिक्र करते हुए कहते हैं कि पिछले दिनों 22 नवंबर 2020 को 14 साल की एक आदिवासी बच्ची का गैंगरेप हुआ था। उस लड़की ने देर रात खून से लथपथ हालत में थाने पहुँचकर एफआईआर करवाई थी, मगर उस शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय ये कह दिया गया कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ घूमने गई थी।

प्रदेश मंत्री के मुताबिक अस्पताल में इलाज के बाद जब बच्ची को होश आया तो उसने दुष्कर्म करने वाले सभी लोगों को बाहर आजाद घूमते हुए देखा, तब वह दोबारा थाने गई और शिकायत करवाई। मगर, तब तक क्षेत्र के एसपी की ओर से कहा जा चुका था कि ये सब लड़की की साजिश है। वह कहते हैं कि एक 14 साल की आदिवासी लड़की के ऊपर उल्टा इल्जाम लगाने वाले पुलिस अधिकारी और केस की जाँच करने वाले अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।

13 साल की आदिवासी लड़की को चर्च भेजा, बनाया धर्मांतरण का दबाव

अपने प्रदर्शन से जुड़े अन्य मामलों का जिक्र करते हुए जैसवाल जानकारी देते हैं कि एबीवीपी 13 साल की आदिवासी लड़की के लिए भी न्याय की माँग कर रहा है, जिसे पिछले दिनों बहला-फुसला कर उसके माँ-बाप से दूर लाया गया और यकीन दिलाया गया कि उसे शहर के नामी होली क्रॉस स्कूल में पढ़ाएँगे। लेकिन यहाँ से उसे आँध्र प्रदेश के एक चर्च में भेज दिया गया और वहाँ उस पर दबाव बना कि लड़की ईसाई धर्म अपना ले।

नारी के सम्मान में ABVP मैदान में

एबीवीपी का कहना है कि उनकी माँग केवल दो आदिवासी लड़कियों को न्याय दिलाने की थी। उन लोगों ने पुलिस का रवैया ढीला देख कर ही कलेक्टर कार्यालय के बाहर घेराव किया था, जिसके चलते उनकी कई माँग सुनी भी गई, लेकिन कुछ ही दिन में कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद अकबर समेत कई स्थानीय नेताओं का प्रेशर बनना शुरू हुआ और कार्यकर्ताओं के ऊपर गैर जमानती धाराएँ लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया।

एबीवीपी कार्यकर्ता

संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को रिहा कराने के लिए जमानत के लिए दरख्वास्त डाली है लेकिन अभी तक उस पर सुनवाई नहीं हुई है। बता दें कि ऑपइंडिया को इन केसों से संबंधित एफआईआर नहीं मिली है, मगर एबीवीपी के प्रदेश मंत्री से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहले मामले में लड़की का बलात्कार करने वालों में रिजवान खान नाम के लड़के को छोड़ कर बाकी सभी आरोपित नाबालिग हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शुभम का आरोप है कि पुलिस की ओर से लड़की की मेडिकल रिपोर्ट और एफआईआर भी पीड़िता के घर वालों को नहीं दी गई है। 

आदिवासी लड़कियों के लिए इंसाफ माँगते एबीवीपी कार्यकर्ता

भाजपा सांसद संतोष पांडे ने भी इस गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने कहा,

“शनिवार को पुलिस एबीवीपी कार्यकर्ताओं को सीधे कार्यालय से उठाकर कोतवाली थाना ले आई। इसके बाद रात को ही उनका मेडिकल कराया व रातों रात जेल भेज दिया। यानि चेहरा देखकर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। इसी प्रकार अगर पुलिस दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल उसी दिन 22 नवंबर को रात को करा देती तो आरोपित जल्द पकड़े जाते। लेकिन पुलिस ने पूरे मामले में संदेह पैदा किया। पहले तो एक आरोपित को गिरफ्तार किया, फिर बाद में चार आरोपितों को पकड़ा, जबकि भाजपा द्वारा लगातार इस पूरे मामले में न्यायायिक जाँच की माँग की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया।”

जानकारी के मुताबिक इस पूरे केस में एबीवीपी के कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इन लोगों के खिलाफ खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 188, 353, 147, 427 और 3 लोक संपत्ति के नुकसान के तहत मामला दर्ज हुआ है। है।

पुलिस का पक्ष

ABVP कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन उनकी माँग और संबंधित कार्रवाई को लेकर जब ऑपइंडिया ने पुलिस का पक्ष जानने के लिए अधिकारियों को संपर्क किया तो हमें बताया गया कि पुलिस ने केवल 14 एबीवीपी सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है।

पुलिस का कहना है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने घेराव के दौरान बैरीकेडिंग तोड़कर कार्यालय में एंट्री की थी, इसलिए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई। वह बताते हैं कि गैंगरेप मामले में 4 आरोपितों को जेल भेज दिया गया है और दूसरे केस में भी गिरफ्तारी की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में एबीवीपी सदस्यों की गिरफ्तारी के मद्देनजर धरना प्रदर्शन ने तूल पकड़ा हुआ है। रविवार को एक धरने में 500 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इसमें कार्यकर्ताओं को छोड़ने व दुष्कर्म के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, विवेचना में लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था।।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।

गुजरात: अली मस्जिद में सामूहिक नमाज से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर किया हमला, वाहनों को फूँका

गुजरात के कपड़वंज में पुलिस ने जब सामूहिक नमाज पढ़ने से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। चौकी और थाने में तोड़फोड़ की।

पाकिस्तानी फ्री होकर रहें, इसलिए रेप की गईं बच्चियाँ चुप रहें: महिला सांसद नाज शाह के कारण 60 साल के बुजुर्ग जेल में

"ग्रूमिंग गैंग के शिकार लोग आपकी (सासंद की) नियुक्ति पर खुश होंगे।" - पाकिस्तानी मूल के सांसद नाज शाह ने इस चिट्ठी के आधार पर...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,787FansLike
82,856FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe