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मुंबई में धमाकों की धमकी देने के मामले में आदिल रफीक समेत 3 वडोदरा से गिरफ्तार, कहा था- RBI हेडक्वार्टर सहित 11 बैंकों में प्लांट हैं बम

मुंबई क्राइम ब्रांच ने धमकी भेजने वालों को गुजरात के वडोदरा से खोज निकाला। मुख्य आरोपित का नाम आदिल रफीक है। दूसरा आदिल का रिश्तेदार और तीसरा उसका दोस्त है। क्राइम ब्रांच हिरासत में लेकर इन तीनों से पूछताछ की जा रही है।

मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) हेडक्वार्टर समेत 11 बैंकों के दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन लोगों को पकड़ा है। इसमें से एक की पहचान आदिल रफीक के तौर पर हुई है। दूसरा उसका रिश्तेदार और तीसरा उसके रिश्तेदार का दोस्त है। इन लोगों को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया गया है।

मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को आरबीआई को एक ईमेल भेजकर उसके हेडक्वार्टर, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई समेत 11 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले कहा था कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तुरंत इस्तीफा दें, वर्ना 11 ठिकानों पर जो बम रखे गए हैं उनमें धमाका होगा और सभी ठिकाने एक साथ बर्बाद हो जाएँगे।

क्राइम ब्रांच ने गुजरात के वडोदरा से पकड़ा

आरबीआई ने ई-मेल की सूचना तुरंत ही सुरक्षा एजेंसियों को दी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने धमकी भेजने वालों को गुजरात के वडोदरा से खोज निकाला। मुख्य आरोपित का नाम आदिल रफीक है। दूसरा आदिल का रिश्तेदार और तीसरा उसका दोस्त है। क्राइम ब्रांच हिरासत में लेकर इन तीनों से पूछताछ की जा रही है। धमकी भरा ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस का भी पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि 26 दिसंबर को आरबीआई को भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई थी कि आरबीआई न्यू सेन्ट्रल ऑफिस बिल्डिंग फोर्ट, एचडीएफसी हाउस चर्चगेट और बीकेसी के आईसीआईसीआई बैंक टॉवर्स में 11 बम रखे गए हैं। ये सभी दोपहर 1.30 बजे फटेंगे। अगर ऐसा नहीं चाहते, तो हमारे हिसाब से काम करना होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास को एक प्रेस रिलीज जारी करना होगा।

इस ईमेल में कहा गया था कि RBI के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिलकर भारत के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। साथ ही इस घोटाले में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की बात भी कही गई थी। इन दोनों के अलावा वित्तीय मामलों के कुछ बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया गया था। ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि उनके पास इसे साबित करने के लिए प्रूफ भी हैं। ऐसे में दोनों लोग प्रेस रिलीज जारी कर ‘घोटाले’ के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ। साथ ही इस कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों को सज़ा देने की माँग भी की गई है। माँग न मानने पर एक-एक कर 11 धमाके करने की धमकी दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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