Homeदेश-समाजसोनभद्र खूनी संघर्ष को भुनाने की फ़िराक़ में नक्सली, IB अलर्ट

सोनभद्र खूनी संघर्ष को भुनाने की फ़िराक़ में नक्सली, IB अलर्ट

आदिवासी बहुल उम्भा गाँव लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है। 1996 से लेकर 2012 तक ये गाँव नक्सल आंदोलन का शिकार रहा। लेकिन 17 जुलाई जैसी घटना यहाँ उस समय में भी नहीं हुई थी।

सोनभद्र के उम्भा गाँव में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद सूबे में नक्सलियों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। मीडिया खबरों की मानें तो केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट के अनुसार छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलियों की एक थिंक टीम सोनभद्र के आस-पास सक्रिय हुई है, जिसकी सूचना मिलते ही इंटेलिजेंस ब्यूरो की एक टीम सोनभद्र में अपना डेरा जमा लिया। साथ ही यूपी एटीएस भी इलाके में सक्रिय हो गई है।

दरअसल, खूफिया एजेंसी को मिले इनपुट के आधार पर मालूम चला है कि नक्सलियों की एक टीम घटनास्थल के आस-पास के कई गाँवों में ग्रामीणों से संपर्क कर रही है। इतना ही नहीं, उम्भा गाँव में हुए खूनी संघर्ष के बाद आईबी को कई युवाओं के अंडरग्राउंड होने की भी सूचना मिली है। ऐसे में खूफिया एजेंसी को डर है कि अगर संवेदनाओं का फायदा उठाकर बस्तर के नक्सली यहाँ पहुँचते हैं तो किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

बता दें आदिवासी बहुल उम्भा गाँव लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है। 1996 से लेकर 2012 तक ये गाँव नक्सल आंदोलन का शिकार रहा। लेकिन 17 जुलाई जैसी घटना यहाँ उस समय में भी नहीं हुई थी। 17 जुलाई से पहले इस इलाके को शांत माना जाता था लेकिन अब खूफिया एजेंसी को डर है कि नक्सली गाँव वालों की संवेदना को हथियार बनाकर यहाँ अपने पैर पसारने की कोशिश कर सकते हैं।

इस पूरे मामले के मद्देनजर खुफिया एजेंसी उम्भा गाँव में होने वाली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा एजेंसी नक्सलियों को चिह्नित करने की कोशिशों में भी जुटी हुई है। साथ ही, आईबी की रडार पर इस समय संचार व्यवस्था से जुड़े वे लोग भी हैं जो नक्सल विचारधारा से जुड़े हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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