Thursday, June 13, 2024
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वर्षा ने सोचा होगा ‘मेरा फईम वैसा नहीं’, ससुराल में मौत के बाद बहन ने बताया- रोज होती थी पिटाई, शाकाहारी थी… लेकिन धुलवाते थे मीट

दुष्यंत जब बहन के घर पहुँचे तो उनका मजाक बनाया जाने लगा और लोग उन पर हँस रहे थे। जब वह शव ले जाने लगे तो मुस्लिम विरोध पर उतर आए और उन पर पथराव करने लगे। उन पर गोलियाँ भी चलाई गईं, जिनमें वह बाल-बाल बच गए।

आगरा के शाहगंज क्षेत्र के आलमपाड़ा की रहने वाली वर्षा रघुवंशी ने करीब डेढ़ साल पहले कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान मुस्लिम युवक फईम कुरैशी के साथ निकाह किया था और हाल ही में उसका शव उसके घर में फाँसी के फंदे से लटकता मिला था। इसके बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया था। अब जब मृतका के शव को उसके माता-पिता ले जाने, तब इलाके के मुस्लिमों ने हिंदुओं पर हमले किए और पत्थरबाजी की।

स्वराज्य की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्षा के बड़े भाई दुष्यंत ने बताया कि उसके परिवार को डेढ़ साल पहले वर्षा और फईम कुरैशी के बीच निकाह को लेकर स्थानीय अदालत का पत्र मिला था। इसमें बताया गया था कि 24 वर्षीय वर्षा ने फईम कुरैशी से निकाह कर लिया है। तब तक वर्षा के पिता की मौत हुए दो साल हो चुकी थी और घर की जिम्मेदारी उसके बड़े भाई दुष्यंत के कंधों पर आ चुकी थी। वर्षा की मौत के बाद दुष्यंत ने 13 नवंबर को पत्रकारों को बताया कि उसे इस बात का पता नहीं था, लेकिन जब कोर्ट का लेटर मिला तो उसे पता चला कि लड़का हिंदू समुदाय का नहीं है। दुष्यंत ने उस लेटर को अपनी माँ को दिखाया और वो दोनों उसे लेकर वर्षा के पास गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, फईम के चंगुल में फँसकर वर्षा ने इस्लाम कबूल कर लिया था और वो वर्षा से जोया बना गई थी। दुष्यंत के मुताबिक, उस दौरान वर्षा ने उन्हें दो टूक कहा था कि उसने अपना मन बना लिया है और बालिग होने के कारण वह जिससे चाहे शादी कर सकती है। दुष्यंत ने कहा कि फईम ने शादी को लेकर उनके परिवार से कभी कोई बात नहीं की थी। दुष्यंत का कहना है कि वो लोग कानूनी तौर पर वर्षा को फईम से निकाह करने से नहीं रोक सकते थे, लेकिन उसके परिवार को ये रिश्ता मंजूर नहीं था, इसलिए उन्होंने वर्षा से सारे संबंध खत्म कर घर के दरवाजे उसके लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए।

फईम औऱ वर्षा (बाएँ से) (साभार: स्वराज्य)

झाँसी का रहने वाला है आरोपित फईम

वर्षा शाहगंज के आलमपाड़ा में रहती थी और आरोपित फईम बीते पाँच साल से चिल्लीपाड़ा में किराए के घर में रह रहा था। वर्षा ने अपनी पढ़ाई तुलसी देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज से की थी, जहाँ जाने के लिए चिल्लीपाड़ा होते हुए ही गुजरना पड़ता था। चिल्लीपाड़ा पूरी तरह से मुस्लिम आबादी वाला इलाका है। यहाँ के सिर्फ दो घर गैर-मुस्लिम हैं। एक घर सिंधी है और दूसरा परिवार बंगाली है। फईम और उसका छोटा भाई नईम गाड़ियाँ बनाने का काम करते हैं और उनका अब्बू कय्यूम कुरैशी ऑटो चलाता है।

शुक्रवार को क्या हुआ

दुष्यंत के मुताबिक, शुक्रवार 12 नवंबर 2021 को उसे फईम के भाई नईम ने फोन कर वर्षा के आत्महत्या कर लेने की खबर दी। खबर मिलने के बाद वहाँ जाने से पहले दुष्यंत ने स्थानीय बीजेपी नेता और अपने दोस्त शैलू पंडित को बुलाया। वर्षा जहाँ रहती थी वहाँ जाकर देखा कि वर्षा की लाश जमीन पर पड़ी हुई है और घर में कोई नहीं है। दुष्यंत ने कहा, “बिस्तर पर चार कुर्सियाँ रखी थीं। कुर्सियों के ऊपर तीन तकिए पड़े थे। इसके बावजूद छत काफी दूर थी। मेरी बहन केवल चार फुट लंबी थी, इसलिए वो रस्सी तक नहीं पहुँच सकती थी।”

दुष्यंत के परिवार ने वहाँ रहने वाले लोगों से कहा कि वो वर्षा के शव को अपने साथ लेकर जा रहे हैं और हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार करेंगे। इसके बाद पड़ोसी मुस्लिमों ने इसका विरोध करते हुए फईम के लौटने तक इंतजार करने को कहा। लोग उसका मजाक बनाकर उस पर हँस रहे थे। जब वह शव ले जाने की कोशिश करने लगे तो स्थानीय मुस्लिमों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस बीच उन पर गोलियाँ भी चलाई गईं। इस बीच दुष्यंत और उनकी माँ वहाँ से किसी तरह बचकर निकले। बाद में शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया और अगले दिन पुलिस की मौजूदगी में शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने एक वीडियो शेयर किया है। इस चिली पाड़ा इलाके के ही रहने वाली स्थानीय निवासी फरीदुद्दीन ने कहा, “फईम का परिवार यहाँ पाँच सालों से रह रहा था, लेकिन फईम और वर्षा के बीच कब निकाह हुआ यह किसी को पता ही नहीं चला। फरीदुद्दीन ने कहा, “हमें उसके बारे में तभी पता चला जब पुलिस शव के लिए आई। हमने उसे कभी नहीं देखा था। कॉलोनी में किसी ने उसे नहीं देखा था।”

दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित

वर्षा की मौत के मामले में दुष्यंत ने पुलिस में शिकायत की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि फईम, उसके अब्बू कय्यूम, उसके भाई नईम और उसकी माँ और बहन पर दहेज के लिए वर्षा को परेशान करते थे और बाद में इन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुधीर कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि फईम के परिवार के सभी तीन पुरुष सदस्यों को अन्य आरोपों के साथ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

वर्षा की बहन खुशबू ने दावा किया है कि उसकी बहन फईम के साथ शुरू से ही नाखुश थी। खुशबू ने कहा, “शुरू से ही उसने फ़ईम के परिवार द्वारा किये जा रहे दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। दोनों में बहुत सारे सांस्कृतिक अंतर थे। हम भोजन में प्याज या लहसुन भी नहीं डालते, लेकिन वर्षा से हर दिन मांस को साफ और पकाने को कहा जाता था। उससे जब भी कोई गलती होती तो फईम उसे बुरी तरह मारता।” खुशबू का कहना है कि वर्षा ने उसे बताया था कि एक मौलवी नियमित रूप से उसे नमाज और इस्लाम सिखाने के लिए घर आता था।

खुशबू ने बताया कि उसे घर में कैदी की तरह रखा जाता था और उसे मायके वालों से बात तक नहीं करने दिया जाता था। वर्षा जब जब भी उसे फोन करती तो फईम फोन छीन लेता था। खुशबू ने बताया कि वर्षा छिपकर उसे किसी और के फोन से कॉल करती थी। खुशबू ने बताया, “उसकी सास वर्षा अक्सर उसे “झाड़-फूंक” के लिए ले मौलवी के पास ले जाती थी। वहाँ मौलवी उसे खाने के लिए देता था।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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