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ओवैसी ही बाबर है, अयोध्या पर देश में तनाव पैदा करना चाहता है मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड: यासिर जिलानी

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच (RMM) के प्रवक्ता जिलानी ने कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भ्रम की स्थिति में है, उसका रवैया स्पष्ट नहीं है। जिलानी का कहना है कि वे अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद टाइटल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समीक्षा याचिका दायर करके देश में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने अयोध्या मसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के रवैए की आलोचना की है। मंच के प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा है कि बोर्ड देश में तनाव पैदा करना चाहता है। उल्लेखनीय है कि एआईएमपीएलबी ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कही थी। साथ ही मस्जिद के लिए पॉंच एकड़ जमीन लेने से भी इनकार कर दिया था।

इसकी आलोचना करते हुए राष्ट्रीय मुस्लिम मंच (RMM) के प्रवक्ता जिलानी ने कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भ्रम की स्थिति में है, उसका रवैया स्पष्ट नहीं है। जिलानी का कहना है कि वे अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद टाइटल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समीक्षा याचिका दायर करके देश में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

जिलानी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोग देश में उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे उन मुस्लिम भाइयों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपनी शांति और भाईचारे का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों ने AIMPLB को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया है कि जब वे खुद यह कह रहे हैं कि उनकी याचिका को खारिज कर दिया जाएगा तो फिर वो इसे दाखिल क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि मैं सुरक्षा एजेंसियों से अपील करता हूॅं कि वह बोर्ड की गतिविधियों पर नजर रखें। पुनर्विचार याचिका के माध्यम से वे ड्रामा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा था कि उन्हें ख़ूब मालूम है कि उनकी समीक्षा याचिका शत-प्रतिशत खारिज ही की जानी है, फिर भी वो सुप्रीम कोर्ट जाएँगे और इसे दाखिल करेंगे। मदनी ने कहा कि ये उनका अधिकार है, उनकी लड़ाई है।

RMM प्रवक्ता जिलानी ने AIMIM प्रमुख और असदुद्दीन ओवैसी के बयान की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि ओवैसी को बताना चाहिए कि वे किसके लिए मस्जिद चाहते हैं। मजहब का कौन सा समुदाय उनके साथ खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा था, “मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए- ओवैसी। ओहो अब पता चला ये ओवैसी ही बाबर है….वाह रे खुदा…..आप सभी की असलियत सामने ला ही देते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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