Thursday, January 28, 2021
Home देश-समाज मॉब लिंचिंग के डर से शिवलिंग पर पेशाब करने का दावा करने वाले प्रोफेसर...

मॉब लिंचिंग के डर से शिवलिंग पर पेशाब करने का दावा करने वाले प्रोफेसर ने ली आपातकालीन छुट्टी

एक ब्लॉग में यह दावा किया गया था कि डॉ विक्रम हरिजन लंबे समय से अपने पीएचडी छात्र रंजीत सरोज को परेशान कर रहे थे और उससे पैसे भी लिए थे। लिखा गया है कि विक्रम हरिजन, सरोज को विरोध प्रदर्शन करने और अपने उच्च जाति प्रतिद्वंद्वियों को बदनाम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर बहाना बनाकर किसी दुर्घटना की आशंका के डर से अनिश्चितकालीन छुट्टी पर चले गए हैं। हिस्ट्री डिपार्टमेंट में 40 वर्षीय दलित असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम हरिजन ने कहा कि अगस्त में वायरल हुए एक वीडियो में कुछ टिप्पणियों को लेकर पिछले दिनों कैंपस के छात्रों के समूह ने उनका घेराव किया था और उन्हें धमकी दी थी, जिसके बाद वो ‘मॉब लिंचिंग’ का डर बताकर आपातकालीन छुट्टी पर चले गए। 

यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने वायरल हुए इस वीडियो में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिस पर प्रोफेसर ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। वहीं, छात्र संगठन एबीवीपी ने भी इस वीडियो को लेकर प्रोफेसर विक्रम के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करवाई है।

प्रोफेसर विक्रम के खिलाफ शिकायत करने वालों का आरोप है कि वायरल हो रहे वीडियो में विक्रम ने कथित रूप से हिंदू देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। पिछले महीने वायरल हुए वीडियो में हरिजन को यह दावा करते हुए देखा जा सकता है कि वो अपने पैतृक गाँव में अपने कुछ दोस्तों के साथ मंदिर गए और वहाँ उन्होंने शिवलिंग पर पेशाब कर दिया।

हरिजन ने कहा कि लोगों में अंधविश्वास है कि अगर वे देवताओं का अनादर करेंगे तो कुछ बुरा होगा। उसने यही दिखाने के लिए कि कोई भी देवता उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकता, उसने शिवलिंग पर पेशाब कर दिया। मगर उसके साथ कुछ भी बुरा नहीं हुआ, वह सामान्य जिंदगी जी रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद, विक्रम हरिजन ने दावा किया कि वीडियो को पीएचडी के एक छात्र रंजीत सरोज ने दुश्मनी के कारण उन्हें बदनाम करने के लिए अपलोड किया था। 20 अगस्त को वायरल हुए 2.3 मिनट के वीडियो को लेकर विक्रम का कहना है कि यह वीडियो दो साल पुराना 14 अप्रैल, 2017 का है और इसमें डॉक्टर बीआर अंबेडकर की जयंती के दौरान दिए गए भाषण के कुछ हिस्सों को दिखाया गया है।

इस मौके पर कैंपस के बाहर एक छोटा सा मिलन समारोह रखा गया था, जिसमें उन्होंने यह समझाने के लिए एक घटना का जिक्र किया था कि कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। भाग्य पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनका कहना है कि वो अपने बयान के माध्यम से ‘विचार’ को बढ़ावा देना चाहते थे।

बाद में एक ब्लॉग-पोस्ट भी सामने आया था, जहाँ यह दावा किया गया था कि डॉ विक्रम हरिजन लंबे समय से अपने पीएचडी छात्र रंजीत सरोज को परेशान कर रहे थे और उन्होंने उससे पैसे भी लिए थे। ब्लॉग पोस्ट में दावा किया गया है कि विक्रम हरिजन, सरोज को विरोध प्रदर्शन करने और अपने उच्च जाति प्रतिद्वंद्वियों को बदनाम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

पोस्ट के अनुसार, जब सरोज ने उनकी गतिविधियों का हिस्सा बनने पर आपत्ति जताई, तो विक्रम हरिजन ने उन्हें धमकी दी थी कि वह उसका करियर बर्बाद कर देंगे। हालाँकि, हम ब्लॉग पोस्ट द्वारा किए गए दावों को सत्यापित नहीं कर सके।

इस महीने की शुरुआत में द हिंदू से बात करते हुए, विक्रम हरिजन ने दावा किया था कि वीडियो रणजीत सरोज द्वारा अपलोड किया गया था, क्योंकि सरोज की उनके प्रति व्यक्तिगत दुश्मनी है और वह उन्हें उनकी ‘औकात’ दिखाना चाहता है। दोनों ही अनुसूचित जाति के हैं। विक्रम का कहना है कि सरोज ‘पासी’ है और वह सोचता है कि वो उसकी जाति उनसे (विक्रम हरिजन) से बेहतर है।

हालाँकि, सरोज ने विक्रम हरिजन के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि उसने वीडियो इसलिए अपलोड किया था, क्योंकि वह विक्रम हरिजन द्वारा बार-बार उत्पीड़न और हिंदू देवताओं के अपमान से व्यथित था। सरोज ने कहा था कि भारत का संविधान सभी को समान अधिकार देता है और किसी को भी इस तरह धर्म का अपमान नहीं करना चाहिए।

वहीं, इस मामले में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के मुख्य प्रॉक्टर आरएस दुबे ने कहा कि अगर डॉ विक्रम हरिजन अपनी जान की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं, तो उन्हें पुलिस की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ के अध्यक्ष के रूप में, वे एक शिक्षक द्वारा की गई धार्मिक बातों के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की निंदा करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

प्रचलित ख़बरें

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

अब पूरे देश में ‘किसान’ करेंगे विरोध प्रदर्शन, हिंसा के लिए माँगी ‘माफी’… लेकिन अगला निशाना संसद को बताया

दिल्ली में हुई हिंसा पर किसान नेता 'गलती' मान रहे लेकिन बेशर्मी से बचाव भी कर रहे और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की बातें कर रहे।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe