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नाबालिग से गैंगरेप के दोषी अजरुद्दीन, बशारत, असरूद्दीन, समसू खान को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा

बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में चारों आरोपितों में अजरुद्दीन, बशारत खान, असरूद्दीन और समसू खान को जाँच के बाद कोर्ट ने दोषी माना है। पॉक्सो कोर्ट ने जेल के साथ इन चारों रेप के दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाना इलाके में एक 7वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार केस में 4 साल बाद बृहस्पतिवार (सितंबर 12, 2019) को दोषियों को सजा सुनाई गई। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, जिला पॉक्सो संख्या 4 अलका शर्मा की अदालत ने नाबालिक पीड़िता से सामूहिक बलात्कार के 4 आरोपितों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र के मुसा खेड़ा गाँव की इस घटना में सातवीं कक्षा में गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिक बच्ची को आरोपित उसके घर से उठाकर ले गए थे। एक रात बच्ची अपनी दादी के पास सो रही थी, तभी 3 जुलाई 2015 रात्रि को उसे घर से उठाकर ले गए और कार से किशनगढ़ बास में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

एक बार सामूहिक बलात्कार करने के बाद नाबालिग पीड़िता को धमकाते हुए उसे आरोपित अजरुदीन ने 15 जुलाई 2015 की रात्रि को फिर उसके घर से बुलाया। इस घटना के बाद वह अलवर गई और अलवर से अजमेर चली गई थी। इसके बाद नीमच मध्यप्रदेश चली गई, जहाँ पुलिस वालों ने उसे बैठे देखकर पूछताछ की थी।

इस पूछताछ के बाद बच्ची से यौन हिंसा का पता चलने पर उसके परिजनों और अलवर पुलिस से सम्पर्क किया गया। इसके बाद बच्ची की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में चारों आरोपितों में अजरुद्दीन, बशारत खान, असरूद्दीन और समसू खान को जाँच के बाद कोर्ट ने दोषी माना है।

पॉक्सो कोर्ट (POCSO COURT Alwar) ने जेल के साथ इन चारों रेप के दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशेष आदालत (POCSO) के इस निर्णय के बाद पीड़िता के परिजनों ने देर से ही सही न्याय मिलने पर खुशी जाहिर की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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