VIDEO: पहाड़ से गिरते पत्थरों से ढाल बनकर बचा रहे हैं अमरनाथ यात्रियों को ITBP के जवान

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में हम देख सकते हैं कि ITBP के जवान अमरनाथ यात्रियों को पहाड़ से गिरते पत्थरों से बचा रहे हैं। यदि उन्होंने बहादुरी नहीं दिखाई होती तो कई श्रद्धालुओं की जान जा सकती थी।

भारतीय सेना और सुरक्षा बल किस तरह से अपनी जान पर खेलकर आम लोगों की सुरक्षा के लिए हर वक़्त तैयार रहते हैं इसके उदाहरण हम अक्सर देखते रहते हैं। इसकी एक झलक सोशल मीडिया पर समाचार एजेंसी ANI द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में हम देख सकते हैं, जिसमें ITBP के जवान अमरनाथ यात्रियों को पहाड़ से गिरते पत्थरों से बचा रहे हैं।

अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है। 45 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा में आईटीबीपी के जवान जी-जान से लगे हुए हैं। यात्रा के दौरान जब श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़े तो उसी दौरान पहाड़ियों में भूस्खलन हो गया और पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े मार्ग की तरफ तेजी से आने लगे। इस पर ITBP के जवान पत्थर के भारी-भरकम टुकड़ों के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए और बिना अपनी जान की परवाह किए पत्थरों को यात्रियों तक पहुँचने से रोकते रहे। ANI ने इसका वीडियो जारी किया है।

वीडियो में हम देख सकते हैं कि भूस्खलन के बाद पत्थर का टुकड़ा तेजी से नीचे की तरफ गिरता है और यात्रा मार्ग की तरफ आने लगता है। जिस वक्त पत्थर का वो भारी भरकम टुकड़ा नीचे की तरफ लुढ़क रहा था उस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मार्ग से गुजर रहे थे। ITBP के जवानों ने यह देखकर तुरंत मार्ग से दूर मानव श्रृंखला बनाई और पत्थर के टुकड़े को मार्ग पर गिरने से रोक दिया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अगर वह पत्थर का टुकड़ा नीचे की तरफ यात्रा मार्ग पर गिरता तो निश्चित तौर कुछ श्रद्धालुओं की जान चली जाती और कुछ लोग घायल हो जाते, लेकिन आईटीबीपी के जवानों की मुस्तैदी काम आई और श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। इस पूरे वाकये के वीडियो को आईटीबीपी के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग आईटीबीपी के जवानों की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें सलाम कर रहे हैं।

इसी तरह से भारतीय सैनिक और सुरक्षा बल, चाहे BSF हो या फिर ITBP के जवान हों, 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान जगह-जगह फँसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पहुँचाने में मदद करते हुए देखे गए थे।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस केस के कई साल बीतने के बाद भी सीबीआई के पास चार्जशीट में उनके पिता का नाम नहीं है। कार्ति ने कहा कि देश के कई बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

रेप

जहाँगीर ने 45 लड़कियों से किया रेप, पत्नी किरण वीडियो बनाकर बेचती थी एडल्ट वेबसाइट्स को

जब कासिम जहाँगीर बन्दूक दिखाकर बलात्कार करता था, उसी वक़्त जहाँगीर की पत्नी किरण वीडियो बनाती रहती थी। इसके बाद पीड़िता को वीडियो और तस्वीरों के नाम पर ब्लैकमेल किया जाता था।
शेहला रशीद शोरा

डियर शेहला सबूत तो जरूरी है, वरना चर्चे तो आपके बैग में कंडोम मिलने के भी थे

हम आपकी आजादी का सम्मान करते हैं। लेकिन, नहीं चाहते कि य​ह आजादी उन टुच्चों को भी मिले जो आपके कंडोम प्रेम की अफवाहें फैलाते रहते हैं। बस यही हमारे और आपके बीच का फर्क है। और यही भक्त और लिबरल होने का भी फर्क है।
कॉन्ग्रेस नेता भ्रष्टाचार

हमाम में अकेले नंगे नहीं हैं चिदंबरम, सोनिया और राहुल गॉंधी सहित कई नेताओं पर लटक रही तलवार

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी नेशनल हेराल्ड केस में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दिसंबर 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को 50-50 हज़ार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर ज़मानत दी थी।
1984 सिख विरोधी दंगा जाँच

फिर से खुलेंगी 1984 सिख नरसंहार से जुड़ी फाइल्स, कई नेताओं की परेशानी बढ़ी: गृह मंत्रालय का अहम फैसला

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया। गृह मंत्रालय ने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगे के वीभत्स रूप को देखते हुए इससे जुड़े सभी ऐसे गंभीर मामलों में जाँच फिर से शुरू की जाएगी, जिसे बंद कर दिया गया था या फिर जाँच पूरी कर ली गई थी।
अहमद खान

विंग कमांडर अभिनंदन को प्रताड़ित करने वाले पाक कमांडो अहमद खान को सेना ने किया ढेर

इससे पहले अहमद खान नौशेरा, सुंदरबनी और पल्लनवाला सेक्टरों में आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराता रहा है। घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने उसे विशेष रूप से तैनात और प्रशिक्षित किया था।
पी चिदंबरम, अमित शाह

चिदंबरम और अमित शाह का फर्क: एक 9 साल पहले डटा था, दूसरा आज भागा-भागा फिर रहा

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जुलाई 22, 2010 को अमित शाह को सीबीआई ने 1 बजे पेश होने को कहा। समन सिर्फ़ 2 घंटे पहले यानी 11 बजे दिया गया था। फिर 23 जुलाई को पेश होने को कहा गया और उसी दिन शाम 4 बजे चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
जवाहरलाल नेहरू, भारतीय सेना

वॉर होगा ही नहीं, हम तो शांति की बात करते हैं… और नेहरू ने ठुकरा दी थी CDS के गठन की सलाह

नेहरू को माउंटबेटन ने आगाह किया था कि युद्ध हो सकता है। लेकिन उन्होंने उस चेतावनी को नज़रअंदाज कर CDS का गठन नहीं किया। बाद में वह इस भावना से ग्रसित हो गए कि सेनाध्यक्ष उनकी कुर्सी हथिया लेगा। आज मोदी ने सेना की वर्षों पुरानी माँग पूरी कर दी।
गौ हत्या

तिरंगे पर गाय को काटा: इमाम ने कहा ये जगह पूरी धरती पर धब्बा

370 खत्म करने को पाकिस्तानी जिहादी 'हिन्दू आक्रमण' के रूप में देखते हैं, इसलिए हिंदुस्तान के हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तानी हैदराबाद शहर की सुन्नी तहरीक के कठमुल्लों ने इंसानियत की हद ही पार कर दी। यह गाय से अधिक इंसानियत की हत्या है।
पी चिदंबरम

ड्राइवर और गाड़ी छोड़ भाग खड़े हुए पी चिदंबरम, फोन भी स्विच ऑफ, अंतिम लोकेशन लोधी रोड

जिस कार से चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे, उन्होंने वह गाड़ी भी वहीं छोड़ दी। इसका मतलब यह है कि राज्यसभा सांसद अपनी आधिकारिक गाड़ी से यात्रा नहीं कर रहे हैं।
वार्ड पार्षद पिंकी देवी

बिहार: मेयर के बेटे ने मारी आँख, महिला पार्षद ने CM नीतीश से लगाई गुहार

पिंकी कुमारी ने कदमकुआँ थाने में मेयर पुत्र के साथ-साथ इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी व सतीश कुमार के खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

83,283फैंसलाइक करें
11,690फॉलोवर्सफॉलो करें
90,110सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: