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अंबाला: कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार पर बवाल, ग्रामीणों ने पुलिस और डॉक्टरों पर किया पथराव, लाठी-डंडों से हमला

महिला की मौत अंबाला छावनी स्थित सिविल अस्पताल में हुई थी। उन्हें साँस लेने में समस्या होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहाँ डॉक्टरों ने एहतियातन महिला का सैंपल जाँच के लिए भेजा था। हालाँकि, तब तक महिला की मौत हो गई। छावनी से लगे चाँदपुरा गाँव के स्थानीय श्मशान में सोमवार शाम को.......

कोरोना वायरस के कहर के बीच सोमवार (अप्रैल 27, 2020) को हरियाणा के अंबाला में कोरोना वायरस संदिग्ध के अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा हो गया। कोरोना संदिग्ध एक बुजुर्ग महिला के दाह संस्कार के लिए पहुँची पुलिस का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लगभग 200 से 400 लोग जमा हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करके लोगों को वहाँ से भगाना पड़ा।

डीएसपी अंबाला राम कुमार ने बताया कि महिला की मौत अंबाला छावनी स्थित सिविल अस्पताल में हुई थी। उन्हें साँस लेने में समस्या होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहाँ डॉक्टरों ने एहतियातन महिला का सैंपल जाँच के लिए भेजा था। हालाँकि, तब तक महिला की मौत हो गई। छावनी से लगे चाँदपुरा गाँव के स्थानीय श्मशान में सोमवार शाम को बुजुर्ग महिला का दाह संस्कार किया जा रहा था।

संक्रमण फैलाने का लगाया आरोप

ग्रामीणों को शक था कि अंबाला की महिला की मौत कोविड-19 से हुई है और उसका दाह संस्कार वहाँ करने से इलाके में भी संक्रमण फैल सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि संक्रमण का कोई खतरा नहीं है और अंतिम संस्कार का विरोध नहीं करने को कहा। डीएसपी ने बताया कि यह जगह कोरोना और इसी तरह के मामले से जुड़े लोगों के अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया गया है। मगर समझाने के बावजूद 300 से 400 लोग वहाँ एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे।

एक दर्जन लोग हिरासत में

डीएसपी ने बताया कि लोगों ने अंबाला में लॉकडाउन तो तोड़ा ही साथ ही पुलिस और डॉक्टरों की टीम पर हमला कर दिया। गाँव वालों ने न सिर्फ लाठी-डंडों से पुलिस और डॉक्टरों की टीम पर हमला किया, बल्कि एंबुलेंस को भी नुकसान पहुँचाया और तोड़ फोड़ किया। ग्रामीणों ने पुलिस-डॉक्टरों की टीम पर पथराव भी किए। मामला इस कदर बिगड़ गया कि भीड़ हटाने के लिए पुलिसवालों को लाठीचार्ज करनी पड़ी। इसके बाद वहाँ से भीड़ हटी और महिला का दाह संस्कार किया जा सका। पुलिस ने बताया कि एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस पर पथराव की यह पहली घटना नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। सोमवार (अप्रैल 27, 2020) को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मस्जिद में नमाज पढ़ने को रोकने गई पुलिस पर लोगों ने पथराव किया। इस घटना में 1 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस पर पथराव करने वाली भीड़ में महिलाएँ भी शामिल थीं।

वहीं शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर लॉकडाउन का उल्लंघन कर सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। बहराइच, शाहजहाँपुर में नमाजियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। फिरोजाबाद में घंटों मजहबी नारे लगाए। इसके बाद एम्बुलेंस को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की गई। इसी तरह दिहवाकला स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने की सूचना मिली तो नमाजियों ने सिपाहियों पर हमला बोल दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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