Homeदेश-समाजमुस्लिम भीड़ द्वारा दलित की बेरहम पिटाई, अमेठी पुलिस ने की पुष्टि: वीडियो Viral...

मुस्लिम भीड़ द्वारा दलित की बेरहम पिटाई, अमेठी पुलिस ने की पुष्टि: वीडियो Viral पर मीडिया गिरोह में चुप्पी

ऐसा कहा जा रहा है कि दूसरे समुदाय के लोग शशांक की बहन के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन लोगों ने शशांक पर हमला बोल दिया और बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी।

मुस्लिम युवकों के एक समूह द्वारा एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिस ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर किया है उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश के अमेठी में एक दलित व्यक्ति को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पीटा।

वीडियो वायरल होने के बाद अमेठी पुलिस ने शनिवार (जुलाई 13, 2019) को एक बाइट जारी की। जिसमें तिलोई नाम के क्षेत्राधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की।

अमेठी पुलिस द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जब तिलोई से वायरल हो रहे वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि यह घटना उत्तर प्रदेश के जायस जिले में 21 जून, 2019 को हुई थी। इसमें दो समुदायों के बीच मारपीट हुई थी। जिसमें दूसरे समुदाय के लोगों ने शशांक पदम घूसर को बेरहमी से पीटा। शशांक के साथ-साथ उसके भाई और पत्नी को भी चोटें आई थी। उन्होंने कहा कि शशांक की पत्नी की शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ उसी दिन अपराध संख्या 136/19 के अंतर्गत आईपीसी की धारा-323, 354, 504, 506 और एससी/ एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

साथ ही तिलोई ने बताया कि इस संबंध में दो आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है और बाकी लोगों के खिलाफ उच्च न्यायालय का अरेस्टिंग स्टे ऑर्डर है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है। जाँच में जो कुछ भी सामने निकलकर आएगा, उसके आधार पर उचित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को दंड दिया जाएगा। ऐसा कहा जा रहा है कि दूसरे समुदाय के लोग शशांक की बहन के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन लोगों ने शशांक पर हमला बोल दिया और बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी।

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा दलितों के खिलाफ अत्याचार और भेदभाव की कई घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। हाल ही में राज्य के मुरादाबाद में दलित समुदाय को मुस्लिम समुदाय के नाईयों द्वारा भेदभाव का सामना करना पड़ा था। मुस्लिम नाईयों ने दलितों के बाल काटने से मना कर दिया था।

वहीं, पिछले महीने,एक मुस्लिम भीड़ मेरठ के घसौली गाँव में मस्जिद के पास वाली मंदिर में दलितों द्वारा लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाने की वजह से मंदिर में घुसकर दलितों के एक समूह की पिटाई कर दी। भीड़ ने दलितों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। इसके बाद उन लोगों ने पथराव भी किया। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। इस वजह से इलाक़े में सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -