Sunday, November 29, 2020
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चूड़ियाँ टूटने के विवाद पर रिजवान, दानिश, कामरान समेत 15-20 लोगों ने बीच बाजार चलाई गोलियाँ: अमित गुप्ता की मौत, 2 घायल

पुलिस ने इस केस में रिजवान, दानिश, मोहसिन, चीनिया, कामरान समेत 15-20 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। इन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अभी तक 1 दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में 27 अक्टूबर को एक मामूली से विवाद पर समुदाय विशेष के युवकों ने बीच बाजार गोलियाँ चला कर एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया और पत्थरबाजी करके कइयों को घायल भी किया। मृतक की पहचान अमित गुप्ता के रूप में हुई है।

पुलिस ने इस केस में रिजवान, दानिश, मोहसिन, चीनिया, कामरान समेत 15-20 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। इन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अभी तक 1 दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, पूरा मामला फिरोजाबाद में थाना दक्षिण क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले मोहल्ले बड़ी छपैटी का है। यहाँ मंगलवार (27 अक्टूबर) की शाम में एक रिजवान नामक चूड़ी कटाई श्रमिक और ई रिक्शा चालक के बीच चूड़ियाँ टूटने पर विवाद तब बढ़ा जब संजय गुप्ता के चूड़ी गोदाम पर मंगलवार शाम चूड़ी के तोड़े उठाकर चालक राजकुमार ई-रिक्शा में रख रहा था।

इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे रिजवान की बाइक ई-रिक्शा से टकरा गई। इससे कुछ चूड़ियाँ टूट गए। इस पर ई-रिक्शा चालक और कटाई श्रमिक के बीच मारपीट हो गई। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव करके किसी तरह मामला शांत करवाया।

इसके बाद रात के करीब 8 बजे रिजवान अपने दो दर्जन से ज्यादा साथियों को लेकर दोबारा उसी जगह आ धमका और सबने मिल कर फायरिंग करनी शुरू कर दी।

इस उपद्रवी भीड़ ने कथिततौर पर पत्थर व पेट्रोल बमों को भी फेंका, जिसके कारण पहले संजय गुप्ता घायल हो गए और बाद में अपने पिता को भीड़ से बचाते हुए संजय के बेटे लविश के हाथ में भी गोली लगी।

वहीं चूड़ी गोदाम में काम करने वाला अमित गुप्ता जब हल्ला सुन कर दुकान से बाहर निकला तो समुदाय विशेष की भीड़ ने एक गोली उसके सीने में भी दागी, जिसके कारण अस्पताल जाते-जाते उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिवार से मिलती पुलिस (साभार: अमर उजाला)

मामले की जानकारी होने पर पुलिस के कई आला अधिकारी समेत कई भाजपा नेता ट्रामा सेंटर पहुँचे। वहीं एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्रा कई थानों के फोर्स के साथ छपैटी पहुँचे और फरार आरोपितों की धड़पकड़ भी शुरू की। इस बीच मृतक के परिजनों को आईजी द्वारा आश्वासन दिया गया है और घटना स्थल के निरीक्षण के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई के आदेश भी दिए गए।

पुलिस कार्रवाई

यहाँ बता दें कि इस हमले में आरोपितों को पकड़ने के लिए 6 टीमें गठित की गई है। सीसीटीवी कैमरों से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। मामला दो पक्षों होने के कारण एहतियातन फोर्स तैनात है। अभी तक 1 दर्जन लोग गिरफ्तार हुए है। इस बात की जाँच भी हो रही है कि पेट्रोल बम फेंके गए या नहीं।

पुलिस लगातार आश्वासन दे रही है कि कोई नहीं बख्शा जाएगा। मगर, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस मुद्दे को शेयर कर सवाल रहे हैं। उनका पूछना है कि आखिर इस घटना पर किसी ने उफ्फ तक क्यों नहीं किया। जो अमित गुप्ता समुदाय विशेष की गोली का शिकार हुआ वह अपने बुजुर्ग माता-पिता का अकेला सहारा था। लोगों का कहना है कि इस इलाके में कुछ दिन पहले भी एक व्यापारी पर इसी तरह जानलेवा हमला हुआ था।

घटना के बाद बंद रहे बाजार, व्यापार मंडल ने उठाई जाँच की माँग

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद बुधवार (अक्टूबर 28, 2020) को जनपद के अधिकांश बाजारों को बंद रखा गया। वहीं व्यापार मंडर के पदाधिकारियों के साथ माथुर वैश्य मंडलीय परिषद के पदाधिकरियो ने भी सड़क पर उतरकर लोगों से बाजार बंद का आह्वान किया। उन्होंने जिस क्षेत्र में घटना हुई उस क्षेत्र के थानाध्यक्ष की निलंबन की माँग की।

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार व्यापार मंडल के जिला मुख्यमंत्री सुनील गुप्ता ने घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। साथ ही सवाल किया कि आखिर इस प्रकार के अवैध असलहे वहाँ कैसे जमा हो गए।

उन्होंने घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पनप रहे हैं। निश्चित रूप से योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है। उनकी माँग है कि हर घर की तलाशी ले जिसके घर में असलहा मिले उसे गिरफ्तार किया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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