Thursday, June 1, 2023
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शराब के बॉन्ड बेच कर आंध्र की जगन रेड्डी सरकार ने कमाए ₹8000 करोड़, दारू से एक साल में ₹18000 करोड़ की हुई थी कमाई

इससे पहले, तेलुगु देशम सरकार ने 'अमरावती विकास निगम' के माध्यम से बड़ी धूमधाम से बिक्री के लिए बॉन्ड जारी किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 'बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज' समारोह में हिस्सा लिया था।

आंध्र प्रदेश सरकार को शराब बॉन्ड से 8000 करोड़ रुपए मिले हैं। सरकार ने पिछले दिनों ‘एपी बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के माध्यम से बॉन्ड जारी किया था। इस पर सरकार को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। शुक्रवार (10 जून, 2022) को इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला। इससे सरकार को 8000 करोड़ रुपए मिले हैं।

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) की पेशकश करके कम से कम 2000 करोड़ रुपए जुटाने का प्रस्ताव रखा था। हालाँकि मार्केट में इसको लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने डेक्कन क्रॉनिकल को बताया, “फिलहाल हम केवल 8000 करोड़ रुपए का इस्तेमाल करना चाहते हैं।”

इससे पहले, तेलुगु देशम सरकार ने ‘अमरावती विकास निगम’ के माध्यम से बड़ी धूमधाम से बिक्री के लिए बॉन्ड जारी किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ समारोह में हिस्सा लिया था।

उस समय 10.52 फीसदी ब्याज दर वाले अमरावती बॉन्ड की बिक्री से 2000 करोड़ रुपए मिले थे। इस बार मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने 7.5 प्रतिशत की आधार ब्याज दर तय की थी, लेकिन यह 9.5 प्रतिशत पर जाकर फिक्स हुई। पिछले वित्त वर्ष में शराब की बिक्री से राजस्व दोगुना होकर 18,000 करोड़ रुपए हो गया था, जो इससे पिछले साल 9,000 करोड़ रुपए था। 

रेटिंग एजेंसियों – क्रिसिल और इंडिया रेटिंग – ने पेश किए जा रहे बॉन्ड को स्थिर श्रेणी में रखा गया। इंडिया रेटिंग ने कई कारकों के आधार पर “प्रोविजनल एए (CE) स्टेबल” दिया, जिसमें थोक और खुदरा शराब व्यापार दोनों के मालिक होने की मौजूदा नीति में बदलाव नहीं करने की सरकार की प्रतिबद्धता शामिल है।

दिलचस्प बात यह है कि इंडिया रेटिंग की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने यह भी वचन दिया कि वह मादक पेय पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध नहीं लगाएगी। नोट में कहा गया है, “अगर सरकार शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाती है, तो वह इस तरह के अधिरोपण की तारीख से तीन महीने के भीतर सभी बकाया बॉन्डों का समय से पहले आरोपण सुनिश्चित करेगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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