Tuesday, June 18, 2024
Homeदेश-समाज'काला जादू' के लिए अनीश ने माँ-बाप-बेटा-बेटी सबको मार कर गाड़ दिया था, केरल...

‘काला जादू’ के लिए अनीश ने माँ-बाप-बेटा-बेटी सबको मार कर गाड़ दिया था, केरल में जहर खाकर खुद मरा

अनीश बड़ा 'जादू' नहीं कर पाता था क्योंकि उसका गुरु कृष्णन उसके टैलंट को अपने 'जादू' से रोक रहा था। अनीश ने कृष्णन से सारा जादू एक झटके में लेने के लिए उनके साथ-साथ उनकी पत्नी, बेटी और दिव्यांग बेटे को भी मार डाला।

केरल के इडुक्की जिले में अनीश नाम का एक आदमी मरा पाया गया। गुरुवार (21 अक्टूबर 2021) को उसकी लाश आदिमाली के कोरांगट्टी की आदिवासी बस्ती में एक घर के अंदर मिली। यह एक आम खबर होती अगर 2018 में इसी अनीश ने एक ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या न की होती।

पुलिस के अनुसार थेवरकुझियिल अनीश (Thevarkuzhiyil Aneesh) की मौत का कारण जहर पीना हो सकता है। उसकी लाश को देख कर अंदाजा लगाया गया कि मौत लगभग एक सप्ताह पहले हो चुकी थी। अभी तक की जानकारी के अनुसार अनीश शायद जमानत पर जेल से बाहर आया था।

अब कहानी 2018 की। 29 जुलाई की रात को उस साल एक परिवार को मार डाला गया था। आरोप इसी अनीश और इसके दोस्त लिबीश पर लगा था। इन दोनों ने मिल कर अनीश के ‘जादूगर’ गुरु कृष्णन, उनकी पत्नी सुशीला, और उनके बच्चों अर्शा और अर्जुन – सभी को मार डाला था।

हत्या के पीछे का कारण जानेंगे तो चौंक जाएँगे। अनीश को लगता था कि वो बड़ा ‘जादू’ इसलिए नहीं कर पाता है क्योंकि जिस कृष्णन के अंदर वो काम करता है, वो उसके टैलंट को अपने ‘जादू’ से रोक रहा है। अनीश के अनुसार अगर वो कृष्णन को मार देता तो सारा ‘काला जादू’ उसके पास चला आता। और यही पूरे परिवार की हत्या की वजह बनी।

बकरी को पीट कर हत्या को दिया अंजाम

29 जुलाई 2018 की रात अनीश और लिबीश हत्या के मकसद से कृष्णन के घर पहुँचे। कृष्णन को घर से बाहर निकालने के लिए अनीश ने घर के बाहर बंधी एक बकरी को पीटा। बकरी की आवाज सुन जब कृष्णन बाहर आए तो उनके सिर पर वार किया। पीछे-पीछे घर से बाहर निकलीं कृष्णन की पत्नी सुशीला को भी मार डाला गया।

शोर सुन कर बेटी अर्शा हाथ में एक डंडा/रॉड लेकर बाहर आई। उसने अनीश के सिर पर वार किया। लेकिन वो ज्यादा देर तक इन दोनों के सामने टिक नहीं पाई और उसकी भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मानसिक रूप से दिव्यांग बेटे अर्जुन को भी मारा गया।

पुलिस के अनुसार, सब को मरा समझ कर अनीश और लिबीश उस रात वापस चले गए। कृष्णन का घर चूँकि एक रबर प्लांटेशन के अंदर स्थित था, तो किसी पड़ोसी के अभाव में लोगों को इस हत्याकांड का पता भी नहीं चला। अगले दिन अनीश और लिबीश सब लाशों को जमीन में गाड़ने आए तो उन्होंने महसूस किया कि अर्जुन मरा नहीं है। फिर पूरे परिवार को दफनाने से पहले अर्जुन को मारने के लिए उसके सिर पर हथौड़े से वार किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अच्छा! तो आपने मुझे हराया है’: विधानसभा में नवीन पटनायक को देखते ही हाथ जोड़ कर खड़े हो गए उन्हें हराने वाले BJP के...

विधानसभा में लक्ष्मण बाग ने हाथ जोड़ कर वयोवृद्ध नेता का अभिवादन भी किया। पूर्व CM नवीन पटनायक ने कहा, "अच्छा! तो आपने मुझे हराया है?"

‘माँ गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, मैं काशी का हो गया हूँ’: 9 करोड़ किसानों के खाते में पहुँचे ₹20000 करोड़, 3...

"गरीब परिवारों के लिए 3 करोड़ नए घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मान निधि को आगे बढ़ाना हो - ये फैसले करोड़ों-करोड़ों लोगों की मदद करेंगे।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -