Wednesday, December 1, 2021
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‘काला जादू’ के लिए अनीश ने माँ-बाप-बेटा-बेटी सबको मार कर गाड़ दिया था, केरल में जहर खाकर खुद मरा

अनीश बड़ा 'जादू' नहीं कर पाता था क्योंकि उसका गुरु कृष्णन उसके टैलंट को अपने 'जादू' से रोक रहा था। अनीश ने कृष्णन से सारा जादू एक झटके में लेने के लिए उनके साथ-साथ उनकी पत्नी, बेटी और दिव्यांग बेटे को भी मार डाला।

केरल के इडुक्की जिले में अनीश नाम का एक आदमी मरा पाया गया। गुरुवार (21 अक्टूबर 2021) को उसकी लाश आदिमाली के कोरांगट्टी की आदिवासी बस्ती में एक घर के अंदर मिली। यह एक आम खबर होती अगर 2018 में इसी अनीश ने एक ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या न की होती।

पुलिस के अनुसार थेवरकुझियिल अनीश (Thevarkuzhiyil Aneesh) की मौत का कारण जहर पीना हो सकता है। उसकी लाश को देख कर अंदाजा लगाया गया कि मौत लगभग एक सप्ताह पहले हो चुकी थी। अभी तक की जानकारी के अनुसार अनीश शायद जमानत पर जेल से बाहर आया था।

अब कहानी 2018 की। 29 जुलाई की रात को उस साल एक परिवार को मार डाला गया था। आरोप इसी अनीश और इसके दोस्त लिबीश पर लगा था। इन दोनों ने मिल कर अनीश के ‘जादूगर’ गुरु कृष्णन, उनकी पत्नी सुशीला, और उनके बच्चों अर्शा और अर्जुन – सभी को मार डाला था।

हत्या के पीछे का कारण जानेंगे तो चौंक जाएँगे। अनीश को लगता था कि वो बड़ा ‘जादू’ इसलिए नहीं कर पाता है क्योंकि जिस कृष्णन के अंदर वो काम करता है, वो उसके टैलंट को अपने ‘जादू’ से रोक रहा है। अनीश के अनुसार अगर वो कृष्णन को मार देता तो सारा ‘काला जादू’ उसके पास चला आता। और यही पूरे परिवार की हत्या की वजह बनी।

बकरी को पीट कर हत्या को दिया अंजाम

29 जुलाई 2018 की रात अनीश और लिबीश हत्या के मकसद से कृष्णन के घर पहुँचे। कृष्णन को घर से बाहर निकालने के लिए अनीश ने घर के बाहर बंधी एक बकरी को पीटा। बकरी की आवाज सुन जब कृष्णन बाहर आए तो उनके सिर पर वार किया। पीछे-पीछे घर से बाहर निकलीं कृष्णन की पत्नी सुशीला को भी मार डाला गया।

शोर सुन कर बेटी अर्शा हाथ में एक डंडा/रॉड लेकर बाहर आई। उसने अनीश के सिर पर वार किया। लेकिन वो ज्यादा देर तक इन दोनों के सामने टिक नहीं पाई और उसकी भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मानसिक रूप से दिव्यांग बेटे अर्जुन को भी मारा गया।

पुलिस के अनुसार, सब को मरा समझ कर अनीश और लिबीश उस रात वापस चले गए। कृष्णन का घर चूँकि एक रबर प्लांटेशन के अंदर स्थित था, तो किसी पड़ोसी के अभाव में लोगों को इस हत्याकांड का पता भी नहीं चला। अगले दिन अनीश और लिबीश सब लाशों को जमीन में गाड़ने आए तो उन्होंने महसूस किया कि अर्जुन मरा नहीं है। फिर पूरे परिवार को दफनाने से पहले अर्जुन को मारने के लिए उसके सिर पर हथौड़े से वार किया था।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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