Homeदेश-समाज₹3000 करोड़ का लेन-देन, 35 जगहों पर तलाशी, 25 लोगों से पूछताछ…अनिल अंबानी से...

₹3000 करोड़ का लेन-देन, 35 जगहों पर तलाशी, 25 लोगों से पूछताछ…अनिल अंबानी से जुड़ी 50 कंपनियों पर ED ने मारा छापा, सीबीआई की शिकायत पर एक्शन

जाँच में 2017-19 के बीच यस बैंक से लिए 3000 करोड़ के लोन में हेराफेरी और रिश्वतखोरी का खुलासा हुआ। लोन से पहले बैंक प्रमोटरों को रकम ट्रांसफर की गई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार (23 जुलाई 2025) को अनिल अंबानी से जुड़ी कई कंपनियों पर छापेमारी की है। ईडी ने अनिल अंबानी की कंपनियों और यस बैंक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ये एक्शन लिया है।

जानकारी के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मुंबई और दिल्ली में ईडी अधिकारियों ने कथित तौर पर मामले से जुड़ी 50 से ज्यादा कंपनियों पर छापे मारे और उनके रिकॉर्ड की भी जाँच की। यह छापेमारी केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई FIR के बाद की गई है।

दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला CBI की FIR, राष्ट्रीय आवास बैंक, सेबी, राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा साझा की गई रिपोर्टों से सामने आया है।

इस दौरान 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी की ओर से लगभग 35 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसी की शुरुआती जाँच में बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को धोखा देकर पैसो की हेराफेरी करने का खुलासा हुआ है।

जाँच में पता चला है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लगभग 3000 करोड़ रुपये के लोन का अवैध रूप से गलत इस्तेमाल किया गया था। वहीं लोन मंजूरी से पहले यस बैंक के प्रमोटरों की कंपनियों को धनराशि मिली थी। यस बैंक के प्रमोटर समेत बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने के मामले की भी आशंका जताई गई है।

ईडी द्वारा की जा रही इस कार्रवाई के बाद अनिंल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रा के शेयर पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। दोनों कंपनियों के शेयरों में 5-5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, रिलायंस पावर के शेयर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 59.77 रुपये के स्तर पर और रिलायंस इन्फ्रा के शेयर लगभग 5 फीसदी की गिरावट के साथ 360 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है ‘सेफ हार्बर’ कानून, जिसके तहत फेसबुक-गूगल को मिल रखी है छूट? समझिए भारत और दुनिया भर में क्यों शुरू हुई इसे हटाने...

पीएम मोदी के फेसबुक से वीडियो कुछ देर के लिए हटाने के मामले में समिति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेफ हार्बर सुरक्षा रद्द करने की चेतावनी दी है।

₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल-फलाह के जवाद सिद्दीकी को झटका, दोनों अर्जियाँ खारिज: पढ़ें- क्या थीं ‘अनरिलाइड दस्तावेज’ समेत अन्य माँगें...

अल-फलाह समूह के ₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद सिद्दीकी को 2 अर्जियों को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जानें- क्या थीं ये अर्जियाँ?
- विज्ञापन -