Homeदेश-समाजपालतू कुत्ते को आग से बचाने की कोशिश में सेना के अधिकारी ने गँवाई...

पालतू कुत्ते को आग से बचाने की कोशिश में सेना के अधिकारी ने गँवाई जान

मेजर अंकित ने अपनी पत्नी और कुत्ते को तो सुरक्षित बचा लिया लेकिन दुर्भाग्यवश इसके बाद मेजर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जम्मू-कश्मीर में आग से अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश में सेना के एक अधिकारी ने अपनी जान दाँव पर लगा दी। दरअसल, बारामूला जिले के गुलमर्ग क्षेत्र में अपने पालतू कुत्ते को आग से बचाते वक्त मेजर अंकित बुद्धराज बुरी तरह जल गए। मेजर अंकित ने अपनी पत्नी और कुत्ते को तो सुरक्षित बचा लिया लेकिन दुर्भाग्यवश इसके बाद मेजर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, शनिवार (फरवरी 29, 2020) करीब 2 बजे अचानक ही मेजर अंकित बुद्धराज के घर में आग लग गई थी। घटना के समय घर के अंदर ही मौजूद मेजर अंकित ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत अपनी पत्नी और एक कुत्ते को आग से बचाते हुए सफलता पूर्वक बाहर निकाल लिया।

इसके बाद वह फिर आग से घिरे अपने घर के दूसरे कुत्ते को बचाने के लिए चले गए। तब तक आग पूरे घर में तेजी से फैल गई थी। दूसरे कुत्ते को बचाने की कोशिश में मेजर अंकित का शरीर 90% आग से झुलस गया। जिसके कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बता दें कि उनकी पत्नी और दोनों कुत्ते सुरक्षित हैं। मेजर अंकित गुलमर्ग के एसएसटीसी में अटैच थे।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेजर अंकित के शव को चिकित्सकीय-कानूनी औपचारिकताओं के लिए उप-जिला अस्पताल में भेजा। पुलिस अभी आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट बता रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जल सुरक्षा ही भविष्य की सबसे बड़ी नींव, समझिए क्यों जरूरी है भारत में नदियों को आपस में जोड़ना

राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) द्वारा तैयार किए गए 30 नदियों को जोड़ने का खाका भारत के भूगोल को हमेशा के लिए बदलने की क्षमता रखता है।

हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महँगा, अर्थव्यवस्था का बँटाधार कर कॉन्ग्रेस की सुक्खू सरकार लाई नया Cess: जानें- क्या है ‘विधवा और अनाथ उपकर’

हिमाचल सरकार पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त उपकर ले रही है, जिससे विधवा-अनाथ बच्चों की मदद के लिए फंड बनाया जाएगा।
- विज्ञापन -