Thursday, June 13, 2024
Homeदेश-समाजपालतू कुत्ते को आग से बचाने की कोशिश में सेना के अधिकारी ने गँवाई...

पालतू कुत्ते को आग से बचाने की कोशिश में सेना के अधिकारी ने गँवाई जान

मेजर अंकित ने अपनी पत्नी और कुत्ते को तो सुरक्षित बचा लिया लेकिन दुर्भाग्यवश इसके बाद मेजर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

जम्मू-कश्मीर में आग से अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश में सेना के एक अधिकारी ने अपनी जान दाँव पर लगा दी। दरअसल, बारामूला जिले के गुलमर्ग क्षेत्र में अपने पालतू कुत्ते को आग से बचाते वक्त मेजर अंकित बुद्धराज बुरी तरह जल गए। मेजर अंकित ने अपनी पत्नी और कुत्ते को तो सुरक्षित बचा लिया लेकिन दुर्भाग्यवश इसके बाद मेजर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, शनिवार (फरवरी 29, 2020) करीब 2 बजे अचानक ही मेजर अंकित बुद्धराज के घर में आग लग गई थी। घटना के समय घर के अंदर ही मौजूद मेजर अंकित ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत अपनी पत्नी और एक कुत्ते को आग से बचाते हुए सफलता पूर्वक बाहर निकाल लिया।

इसके बाद वह फिर आग से घिरे अपने घर के दूसरे कुत्ते को बचाने के लिए चले गए। तब तक आग पूरे घर में तेजी से फैल गई थी। दूसरे कुत्ते को बचाने की कोशिश में मेजर अंकित का शरीर 90% आग से झुलस गया। जिसके कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बता दें कि उनकी पत्नी और दोनों कुत्ते सुरक्षित हैं। मेजर अंकित गुलमर्ग के एसएसटीसी में अटैच थे।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेजर अंकित के शव को चिकित्सकीय-कानूनी औपचारिकताओं के लिए उप-जिला अस्पताल में भेजा। पुलिस अभी आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट बता रही है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल...

दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

पापुआ न्यू गिनी में चली गई 2000 लोगों की जान, भारत ने भेजी करोड़ों की राहत (पानी, भोजन, दवा सब कुछ) सामग्री

प्राकृतिक आपदा के कारण संसाधनों की कमी से जूझ रहे पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत को भारत ने बुनियादी जरूरतों के सामान भेजे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -