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जंगल में छिपी थी ₹4 लाख की इनामी सविता, CAA विरोधी नेताओं से मिलने निकली तो दबोची गई

श्रीमथी की गिरफ्तारी वेस्टर्न घाट स्पेशल जोन कमेटी की माओवादी गतिविधियों के लिए बड़ा झटका है, जो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के ट्राई जंक्शन क्षेत्र में सक्रिय है। वह एक दर्जन से ज्यादा केसों में वांछित है। केरल और कर्नाटक पुलिस को उसकी तलाश थी।"

मीडिया खबरों के अनुसार इंटेलीजेंस एजेंसियों को शक है कि कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के जंगलों में सक्रिय संदिग्ध माओवादी लीडर श्रीमथी उर्फ़ सविता, नागरिकता कानून का विरोध कर रहे संगठनों के सम्पर्क में है। मंगलवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के अनईकट्टी नामक स्थान से क्राइम ब्रांच की टीम ने 4 लाख की इनामी माओवादी नेता श्रीमथी को गिरफ्तार किया था। एजेंसियों का अनुमान है कि सविता नागरिकता कानून का विरोध कर रहे नेताओं से सम्पर्क करने के लिए ही अपने ठिकाने से निकली थी।

डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आंतरिक सुरक्षा) एन.कन्नन के अनुसार, “श्रीमथी की गिरफ्तारी वेस्टर्न घाट स्पेशल जोन कमेटी की माओवादी गतिविधियों के लिए बड़ा झटका है, जो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के ट्राई जंक्शन क्षेत्र में सक्रिय है। वह एक दर्जन से ज्यादा केसों में वांछित है। केरल और कर्नाटक पुलिस को उसकी तलाश थी।” उसके पास से माओवादी साहित्य, पेन ड्राइव, और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हमें खबर थी कि वह किसी विशेष काम के सिलसिले में जंगल से बाहर आ रही है। जिसके बाद अनईकट्टी इलाके में स्पेशल टीमों को तैनात कर दिया गया था जिन्होंने उसे धर दबोचा।” यह भी सामने आया है कि नागरिकता कानून का विरोध कर रहे लोग सरकारी कार्यालयों में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल करवाने की फिराक में लगे हुए हैं। विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों और माओवादियों के बीच संदेहास्पद सम्पर्कों के कारण राज्य में सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

इसमें पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाना, असमाजिक तत्वों पर नजर रखना आदि शामिल है। पुलिस ने ऐसे सभी विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की चेतावनी दी है, जिनसे कानून-व्यवस्था का संकट उत्पन्न हो सकता है। इसके पहले भारतीय इंटेलीजेंस ने सीमा पार से होती उस बातचीत को ट्रैक किया था जिसमें कुछ लोग जिनके पाकिस्तानी होने का शक है, पैसा लेकर भी नागरिकता कानून के खिलाफ ज्यादा भीड़ जुटाने में असमर्थ साबित हुए लोगों को लताड़ रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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