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असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर तालिबान समर्थक एक और व्यक्ति को टायर की दुकान से धरा, अब तक 16 गिरफ्तार

इस गिरफ्तारी से पहले असम पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी ने अफगानिस्तान में तालिबान की जीत की सराहना करते हुए ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइटों पर विभिन्न टिप्पणियाँ की थीं और वीडियो पोस्ट किए थे।

अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा कब्जे के बाद उसके समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के मामले में असम पुलिस द्वारा असम पुलिस के एक कॉन्स्टेबल, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की राज्य इकाई के वरिष्ठ नेता, एक मेडिकल छात्र और एक पत्रकार समेत कई लोगों को गिरफ्तार करने के तीन दिन बाद अब एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की जानकारी पुलिस ने सोमवार (23 अगस्त 2021) को दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गुवाहाटी के जोराबत इलाके में एक टायर की दुकान में काम करने वाले शख्स ने फेसबुक पर तालिबान के समर्थन में एक पोस्ट लिखी थी।

इस गिरफ्तारी से पहले असम पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी ने अफगानिस्तान में तालिबान की जीत की सराहना करते हुए ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइटों पर विभिन्न टिप्पणियाँ की थीं और वीडियो पोस्ट किए थे। ये गिरफ्तारियाँ राज्य के विभिन्न जिलों से 20 और 21 अगस्त को की गई थीं।

असम पुलिस के मुताबिक, इनमें से कामरूप मेट्रोपॉलिटन, बारपेटा, धुबरी और करीमगंज जिलों से दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जबकि, दरांग, कछार, हैलाकांडी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा और होजई जिलों से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

असम पुलिस के उप महानिरीक्षक वायलेट बरुआ ने ट्वीट किया था कि असम पुलिस सोशल मीडिया पर तालिबान समर्थक टिप्पणियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर रहे हैं। अगर आपके संज्ञान में ऐसी कोई बात आती है तो कृपया पुलिस को सूचित करें।” इसके अलावा तालिबान का समर्थन करने वाले राज्य के तीन लोगों के देश से बाहर जाने की भी सूचना असम पुलिस को मिली है।

इस बीच पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों से इस्लामिक समूह के साथ किसी भी संभावित संबंध का पता लगाने के लिए लगातार पूछताछ कर रही है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आईटी अधिनियम और सीआरपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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