Homeदेश-समाजअपहरण किया, बंधक बनाया… अतीक अहमद के सफाईकर्मी के नाम पर ₹8 करोड़ की...

अपहरण किया, बंधक बनाया… अतीक अहमद के सफाईकर्मी के नाम पर ₹8 करोड़ की संपत्ति लेकिन उसे खबर ही नहीं, दलितों की कब्जाई थी जमीन

प्रयागराज के माफिया डॉन अतीक अहमद के घर में काम करने वाले नौकर के पास 8 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली है, ये अलग बात है कि उसको महीने में सैलरी के तौर पर सिर्फ 8 हजार रुपए मिलते थे।

प्रयागराज के माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या को करीब एक साल बीत चुके हैं, लेकिन उनसे जुड़े कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। अब पता चल रहा है कि अतीक अहमद के घर में काम करने वाला सफाई कर्मी भी करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। जी हाँ, अतीक अहमद के घर में साफ-सफाई करने वाला श्याम जी सरोज 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति का मालिक है, वो भी तब, जब उसकी खुद की सैलरी 8 हजार रुपए प्रति माह थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्याम जी सरोज के नाम से अतीक और उसके गुर्गों ने 8 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराई थी। हालाँकि खुद सरोज को इस बारे में पता नहीं था। उसका तो वेतन महज 8 हजार रुपए प्रति माह था। पुलिस से श्याम जी सरोज ने कहा कि अगर उसे जानकारी होती कि उसके नाम करोड़ों की प्रॉपर्टी है तो वह मुंबई भाग गया होता।

इस मामले में श्याम जी सरोज ने पुलिस से संपर्क किया है और एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराया गया है। बता जा रहा है कि श्याम जी सरोज पर अतीक अहमद के गुर्गे उन बेनामी संपत्तियों को ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे, जो उसके नाम पर खरीदी गई थी। उन संपत्तियों के बारे में उसे जानकारी भी नहीं है। अब श्याम जी सरोज की तहरीर पर पुलिस ने माफिया अतीक अहमद के करीबी जावेद खान उसके भाई कामरान अहमद, फराज अहमद खान और शुक्ला जी के खिलाफ अतरसुइया थाने में एफआईआर दर्ज की है। सफाईकर्मी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित घर छोड़कर फरार हो गए हैं।

पीड़ित ने बताया है कि वो 15 सालों से जावेद और उसके भाई कामरान के घर पर सफाई का काम करता था। अतीक के गुर्गों ने उसके नाम आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया था। बैंक के सभी कागजात श्याम के नाम पर थे, लेकिन मोबाइल नंबर जावेद ने अपना दर्ज कराया था। जावेद ने श्याम के नाम दलितों की जमीन रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद उसको बेचकर बैंक खाते से रुपये ट्रांसफर कर लिए। इस दौरान श्याम के चेक पर हस्ताक्षर कर कर उसके बैंक खाते में लगाए हैं। रुपये न होने पर चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद चेक बाउंस के आरोप में श्याम के नाम पर नोटिस जारी कराया था। इसके बाद धमकी देने लगे कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो उसे जेल भिजवा देंगे।

पीड़ित का आरोप है कि कई बार उसे अगवा कर होटल में बंधक बनाए रखा गया है। अतीक के गुर्गे उसे लगातार ब्लैकमेल कर अवैध कारोबार कर रहे थे। पुलिस को श्याम जी सरोज के नाम से कई बैनामे के कागजात मिले हैं। इसमें महेवा नैनी, सराय इनायत में प्रॉपर्टी बताई गई है। श्याम जी ने पुलिस को जानकारी दी है कि करछना, फूलपुर और हंडिया तहसील में ले जाकर हस्ताक्षर कराए गए थे। इस आधार पर पुलिस गंगानगर और यमुनानगर में श्याम जी सरोज के नाम की बेनामी संपत्तियों का पता लग रही है।

शुरुआती जाँच में पता लगा है कि गंगानगर में करीब 5 करोड़ और यमुनानगर में 3 करोड़ की प्रॉपर्टी श्याम जी सरोज के नाम है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अतीक अहमद की अवैध और बेनामी संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत कुर्क करने की भी कार्रवाई करेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी BJP, जालंधर से वाराणसी के बीच निकलेगी भव्य यात्रा: जानिए पंजाब-UP चुनाव में रविदासिया समुदाय को कैसे साध रही भारतीय...

बीजेपी का 'समरसता संकल्प अभियान' (सामाजिक समरसता और संकल्प के लिए अभियान) 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक लगभग सात महीनों तक चलेगा।

ओडिशा सरकार करेगी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण: जानिए ST इलाकों में धर्मांतरण रोकने में सक्रिय रहे हिंदू नेता...

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य क्षेत्र के ST समुदाय के लिए उनके जीवन के समर्पण, सेवा और बलिदान को सम्मानित करना है।
- विज्ञापन -