Homeदेश-समाजजुलूस, पटाखे, गाड़ियों का काफिला... अतीक अहमद के 2 बेटों के छूटने का कुछ...

जुलूस, पटाखे, गाड़ियों का काफिला… अतीक अहमद के 2 बेटों के छूटने का कुछ ऐसे मना जश्न, ‘बाल सुधार गृह’ में माँगते थे कड़ाही चिकन और मटन बिरयानी

दोनों के छूटने पर बड़ी संख्या में इनके शागिर्द मौजूद रहे और गाड़ी के साथ ही जुलूस की शक्ल में गाँव तक ले गए।

बीते दिनों में एक हत्याकांड में मार दिए गए माफिया अतीक अहमद के 2 बेटे अहजम और आबान को ‘बाल सुधार गृह’ से छोड़ दिया गया है। दोनों के बाहर निकलने पर अतीक के समर्थकों और गाँव वालों ने जुलूस जैसा निकाला और सड़कों पर पटाखे फोड़े।

24 फरवरी 2023 को माफिया अतीक अहमद ने राजू पाल की हत्या प्रयागराज में करवा दी थी। इस हत्या में उसके गुर्गे और एक बेटा सद्दाम शामिल थे। सद्दाम को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था जबकि अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या अस्पताल के बाहर कर दी गई थी।

अतीक अहमद के इन दोनों बेटों को नाबालिग होने के कारण मार्च में ‘बाल संरक्षण गृह’ में भेजा गया था। इन्हें छोड़ने को लेकर अतीक की बहन परवीन अहमद कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने बाल कल्याण समिति से इनको छोड़ने को लेकर फैसला लेने को कहा था। ‘बाल कल्याण समिति’ ने शाम को इनको छोड़ने का आदेश दिया जिसके पश्चात दोनों अपनी बुआ के गाँव हटवा पहुँचे। दोनों के छूटने पर बड़ी संख्या में इनके शागिर्द मौजूद रहे और गाड़ी के साथ ही जुलूस की शक्ल में गाँव तक ले गए।

इनके काफिले में कई गाड़ियाँ और मोटरसाइकिलें शामिल थी। इसी घटना की वायरल वीडियो में कुछ लोग घोड़ा लेकर पहुँचे थे। दोनों भाइयों के बारे में बाल सुधार गृह से भी अब कई सूचनाएँ सामने आ रही हैं। एक खबर के अनुसार, दोनों भाई बाल सुधार गृह में कढ़ाई चिकन और मटन बिरयानी माँगते थे। दोनों भाइयों ने बाल सुधार गृह में फ़ोन की भी माँग की थी। हालाँकि, इनकी किसी भी माँग पर ध्यान नहीं दिया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस अब दोनों भाइयों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और उनसे मिलने के लिए आने जाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि महीनों से फरार अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी अपने बेटों से मिलने आ सकती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -