Wednesday, September 28, 2022
Homeदेश-समाज'प्रधानमंत्री मोदी के उठाए इस कदम में मैं भी भागीदार बनूँगा': स्वामी रामदेव ने...

‘प्रधानमंत्री मोदी के उठाए इस कदम में मैं भी भागीदार बनूँगा’: स्वामी रामदेव ने कहा- लगवाऊँगा कोरोना का टीका

उन्होंने कहा कि उनका किसी भी संगठन या चिकित्सा पद्धति से बैर नहीं है, उनकी लड़ाई ड्रग माफियाओं से है। अच्छे डॉक्टरों को देवदूत बताते हुए कहा कि गैर जरूरी दवाइयों और इलाज के नाम पर किसी का भी शोषण नहीं किया जाना चाहिए।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ विवाद के बीच स्वामी रामदेव ने ऐलान किया कि वे जल्द कोरोना वैक्सीन लगवाएँगे। उन्होंने अन्य लोगों से भी वैक्सीन लगवाने की अपील की। साथ ही कहा है कि आयुर्वेद और योग कोविड संक्रमण के ख़िलाफ सुरक्षा कवच के तौर पर काम करते हैं।

बाबा रामदेव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून से देश के हर राज्‍य में 18 साल से अधिक के नागरिकों को मुफ्त कोरोना वैक्‍सीन देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उठाए गए इस कदम में मैं भी भागीदार बनूँगा।” उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद को अपने जीवन में अपनाएँ योग बीमारियों के सामने एक ढाल की तरह है। योग कोरोना से होने वाली जटिलताओं से भी बचाता है।

बाबा रामदेव ने अपने पिछले बयानों पर हुए विवाद के मद्देनजर बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी संगठन या चिकित्सा पद्धति से बैर नहीं है, उनकी लड़ाई ड्रग माफियाओं से है। अच्छे डॉक्टरों को देवदूत बताते हुए कहा कि गैर जरूरी दवाइयों और इलाज के नाम पर किसी का भी शोषण नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से लोगों को कम दामों में जेनेरिक दवाइयाँ आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

बता दें कि बाबा रामदेव ने इससे पहले कहा था कि उन्‍हें कोरोना वैक्‍सीनेशन की जरूरत नहीं है। बाद में उन्‍होंने अपने इस बयान पर स्‍पष्‍टीकरण दिया कि वह अभी हट्टे-कट्टे हैं। उनका हार्ट, बीपी, किडनी, लिवर और इम्‍युनिटी सब अभी ठीक है। उनकी बायोलॉजिकल उम्र सिर्फ 25 साल है। पहले कमजोर लोगों को वैक्‍सीन लगनी चाहिए। वह वैक्‍सीन के समर्थक हैं और सबसे अंत में टीका लगवाएँगे।

उल्लेखनीय है कि बाबा रामदेव पिछले दिनों एलोपैथी पर टिप्पणी के बाद से चर्चा में हैं। दरअसल, कुछ दिन पहले बाबा की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वीडियो में उन्हें कहते सुना गया था कि एलोपैथी दवाओं के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण में कई मरीजों की जान गई। इस बयान पर इतना बवाल हुआ कि IMA ने उन्हें मानहानि नोटिस भेज दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल का एक दुर्गा पूजा पंडाल ऐसा भी: याद उनकी जो चुनाव बाद मार डाले गए, सुनाई देगी माँ की रुदन

दुर्गा पूजा में अलग-अलग थीम के पंडाल के तैयार किए जाते हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार एक पूजा पंडाल उन लोगों की याद में तैयार किया गया है जो विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा में मार डाले गए थे।

मूर्तिपूजकों को जहाँ देखो, वहीं लड़ो-काटो… ऐसे बनाओ IED बम: PFI पर 5 साल का बैन क्यों लगा, पढ़िए इसके कुकर्मों की पूरी लिस्ट

भारत सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं पर बैन लगा दिया है। PFI की देश विरोधी गतिविधियों के कारण...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,749FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe