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बकरीद पर पशुओं की क़ुर्बानी सड़कों पर न दें, फोटो सोशल मीडिया पर न डालें: मौलाना केआर फ़िरंगी

“मैं सभी मुस्लिमों से अपील करता हूँ कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईद-उल-अधा पर केवल उन्हीं पशुओं की क़ुर्बानी दी जानी चाहिए जिस पर सरकार ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।”

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना केआर फ़िरंगी महली ने सभी मुस्लिमों से अपील करते हुए कहा, “मैं सभी मुस्लिमों से अपील करता हूँ कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईद-उल-अजहा पर केवल उन्हीं पशुओं की क़ुर्बानी दी जानी चाहिए जिस पर सरकार ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पशुओं की क़ुर्बानी सड़कों पर नहीं दी जानी चाहिए। उनकी क़ुर्बानी घर या मदरसे के अंदर दी जा सकती है, जिससे अन्य समुदाय के लोगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पशुओं की क़ुर्बानी की कोई भी फ़ोटो सोशल मीडिया पर नहीं जानी चाहिए।

ग़ौरतलब है कि भारत में बकरीद का चाँद शुक्रवार (2 अगस्त) को नज़र आ गया है। इसके साथ ही बकरीद का त्योहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा। दरअसल, बकरीद का चाँद जिस रोज नज़र आता है उसके ठीक 10वें दिन बकरीद मनाई जाती है। इस्लाम के अनुसार, इस त्योहार में पशुओं की क़ुर्बानी दी जाती है और इस महीने हज यात्रा भी की जाती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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