Homeदेश-समाजबाघों वाले जंगल से होकर, 1 घंटे घड़ियालों के बीच तैरी बांग्लादेशी महिला: भारत...

बाघों वाले जंगल से होकर, 1 घंटे घड़ियालों के बीच तैरी बांग्लादेशी महिला: भारत में घुस प्रेमी से रचाई शादी, 3 दिन बाद गिरफ्तार

कृष्णा पहले सुंदरबन में घुसी जो बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है। इसके बाद वह करीब एक घंटे ऐसी नदी में तैरी जिसमें खतरनाक घड़ियाल होते है और इस तरह वह अपने प्रेमी के पास भारत आई।

22 साल की बांग्लादेशी महिला सीमा की परवाह किए बिना केवल तैर कर भारत आई है। पूछताछ में उसने कहा है कि वो भारत अपने प्रेमी से शादी करने आई है। उसने बताया कि इस सफर में उसने सुंदरबन के घने जंगलों को पार किया और एक घंटा लगातार नदी में तैरकर अपने प्रेमी से मिलने भारत पहुँची।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, महिला की पहचान कृष्णा मंडल के तौर पर हुई है। वह बताती है कि उसे भारत में रहने वाले अभिक मंडल नाम के लड़के से प्यार था। उसकी मुलाकात अभिक से फेसबुक पर हुई और दोनों को प्यार हो गया। कृष्णा के पास पासपोर्ट नहीं था इसलिए वह अवैध रूप से सीमा में घुसी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कृष्णा पहले सुंदरबन में घुसी जो बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है। इसके बाद वह करीब एक घंटे ऐसी नदी में तैरी जिसमें खतरनाक घड़ियाल होते है और इस तरह वह अपने प्रेमी के पास भारत आई।

बताया जा रहा है कि इसके बाद कृष्णा और अभिक ने कोलकाता के कालीघाट मंदिर में शादी की। लेकिन सोमवार को पुलिस ने अवैध ढंग से देश में घुसने के लिए उसे गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि अब कृष्णा को बांग्लादेश हाई कमीशन को हैंडओवर किया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश युवक नदी तैरकर सीमा में घुसा था और पूछताछ में उसने जवाब दिया था कि भारत में चॉकलेट लेने आया है। हालाँकि इमाम हुसैन नाम के उस युवक की सच्चाई पता लगाने के लिए उसे स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद वह कोर्ट में पेश हुआ और पूछताछ के लिए उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -