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घुसपैठ की फ़िराक में थे 40 बांग्लादेशी गौ तस्कर, BSF ने अब्दुल को मार गिराया

गौ तस्करों की घुसपैठ की खुफिया सूचना होने के कारण बीएसएफ पहले से ही तैयार थी। मारा गया तस्कर बांग्लादेश के सिलहट का रहने वाला था।

दक्षिणी असम के करीमगंज में शनिवार (अगस्त 24, 2019) को पशु तस्करों और सीमा सुरक्षा बल के बीच मुठभेड़ हुई। भारत-बांग्लादेश सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में बीएसएफ ने एक बांग्लादेशी गौ तस्कर को मार गिराया। एसपी मानवेन्द्र देब रे ने बताया कि ये मुठभेड़ तब हुई जब 40 से भी अधिक बांग्लादेशी भारत की सीमा में घुसने की चेष्टा कर रहे थे। मुठभेड़ के दौरान बीएसएफ ने पंप-एक्शन बंदूकें और पैलेट के प्रयोग किया।

मृतक की पहचान सिलहट स्थित मौलवीबाजार निवासी अब्दुल रउफ के रूप में हुई है। हालाँकि, पुलिस ने कहा कि ये पहचान फ़िलहाल अनौपचारिक रूप से हुई है। पशु तस्कर अब्दुल की छाती पर गोली लगी। बांग्लादेशी सीमा गार्ड्स ने असम पुलिस को अनौपचारिक रूप से मृतक की पहचान बताई है। बीएसएफ को मुठभेड़ से पहले ही ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी गौ तस्कर भारत में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।

बॉर्डर फेन्स के दूसरी तरफ़ बीएसएफ की एक टीम को तैनात कर दिया गया था। यह जानने लायक बात है कि बॉर्डर फेन्स और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच 150 मीटर की दूरी है। जब 40 के क़रीब बांग्लादेशी पशु तस्करों ने घुसपैठ की कोशिश की, तो बीएसएफ ने उन्हें रोका। इसके बाद एक तस्कर ने बीएसएफ की तरफ धारदार हथियार फेंका।

मुठभेड़ के कुछ देर बाद जब बीएसएफ क्षेत्र में तलाशी के लिए पहुँची तो एक मृत तस्कर दिखा। उसकी लाश बॉर्डर फेन्स से 20 मीटर की दूरी पर पड़ी मिली। पंप-एक्शन बन्दूक से दागे गए पैलेट बहुत ज्यादा नुक़सान पहुँचा सकते हैं अगर उनका उपयोग क़रीबी रेंज से किया गया हो।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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