Thursday, May 30, 2024
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बंगाल में पेड़ से लटके मिले BJP नेता पूर्णचंद्र दास, TMC में शामिल होने का बनाया जा रहा था दबाव

दास के परिजनों के अलावा स्थानीय भाजपा नेता अनूप चक्रवर्ती ने भी इस मामले पर टीएमसी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, "हमें पूरा यकीन है कि इसमे टीएमसी का हाथ है। उनकी पहले हत्या की गई और बाद में उनका शव फंदे पर लटका दिया गया ताकि ये आत्महत्या लगे।"

पश्चिम बंगाल के ईस्ट मिदनापुर जिले में बुधवार को BJP कार्यकर्ता पूर्णचंद्र दास का शव उनके घर के पास पेड़ से लटकता मिला। पिछले दिनों दिनाजपुर जिले में भाजपा विधायक देबेंद्र नाथ रॉय का शव से लटका मिला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 44 वर्षीय पूर्णचंद्र दास मिदनापुर जिले के रामनगर इलाके में बीजेपी के बूथ अध्यक्ष थे। उनके परिवार ने उनकी हत्या का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस पर लगाया है। परिवार कहता है कि पूर्णचंद्र दास से टीएमसी में शामिल होने के लिए कहा जा रहा था लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव से मना कर दिया। इसके बाद टीएमसी के लोग उन पर लगातार दबाव बना रहे थे।

परिजन कहते हैं, “आज (घटना वाले दिन) टीएमसी नेताओं की बैठक होने वाली थी। लेकिन बाद में उनका (पूर्णचंद्र दास) शव फँदे पर लटका पाया। हम चाहते हैं इस मामले में सच्चाई सामने आए।”

दास के परिजनों के अलावा स्थानीय भाजपा नेता अनूप चक्रवर्ती ने भी इस मामले पर टीएमसी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरा यकीन है कि इसमे टीएमसी का हाथ है। उनकी पहले हत्या की गई और बाद में उनका शव फंदे पर लटका दिया गया ताकि ये आत्महत्या लगे।”

वहीं, टीएमसी ने आरोपों को खारिज करते हुए निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। टीएमसी के अखिल गिरी कहते हैं, “हमारी पार्टी का इसमें कोई हाथ नहीं है। ऐसा लगता है अवसाद के कारण उन्होंने आत्महत्या की। दास और उनके पड़ोसी के बीच कई समय से एक कानूनी झगड़ा चल रहा था। भाजपा सिर्फ इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।”

गौरतलब है कि बंगाल में राजनीति से जुड़े लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों की मौत की कई घटना पिछले कुछ समय में सामने आई है। खासकर बीजेपी से जुड़े लोगों की। अभी कुछ दिन पहले सुदर्शनपुर के रायगंज में हेमताबाद के भाजपा विधायक देबेन्द्र नाथ रॉय का मृत शरीर एक फंदे से झूलता मिला था।

रॉय के परिजनों ने पूछताछ में बताया था कि रात के 1 बजे कुछ युवक उन्हें बुलाने आए थे। इसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन सुबह कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें फंदे से झूलता हुआ पाया। पुलिस ने बताया था कि विधायक का मृत शरीर बंद चाय की एक दुकान के सामने झूल रहा था।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया था कि देबेन्द्र नाथ रॉय की हत्या हुई है। उनका कहना था कि एक साजिश के तहत उन्हें लटका दिया गया। रायगंज के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री देबाश्री चौधरी ने उनकी मौत की जाँच की माँग की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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