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निकाह का खर्च जुटाने के लिए जावेद ने 10 साल के बच्चे को अगवा किया, फिर पत्थर से कुचल दिया सिर

बच्चे के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने उस नंबर का पता लगाया जिससे फिरौती माँगी गई थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ से जावेद के रिश्तेदार मोहम्मद नौशाद और सिराज को गिरफ्तार किया। जावेद की तलाश जारी है।

बेंगलुरु के हेब्बागोड़ी में एक सीसीटीवी मैकेनिक ने निकाह का खर्च जुटाने के लिए 10 साल के एक बच्चे को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। इस मैकेनिक का नाम है मोहम्मद जावेद शेख। जावेद के दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसकी तलाश मे दबिश दी जा रही है।

पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि जावेद ने इस घटना से पहले एक दूसरे लड़के को भी किडनैप किया था। लड़के के विरोध के बाद उसे छोड़ दिया था। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 10 साल का मोहम्मद आसिफ 4 जून को अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी आरोपित ने घटना को अंजाम दिया। बच्चे की किडनैपिंग के बाद माता-पिता को रात के करीब 10 बजे फिरौती के लिए फोन आया। 25 लाख रुपयों की माँग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने पुलिस से संपर्क किया तो बेटे को मार डालेंगे।

आसिफ के पिता एमडी अब्बास जो मजदूर हैं, फोन कॉल से घबरा गए। फौरन थाने जाकर अपहरण की शिकायत लिखवाई। पुलिस एक्शन में आई और पता लगाया कि कॉल छत्तीसगढ़ के रायपुर से आया था। पुलिस की टीम फौरन रायपुर के लिए रवाना हो गई। फिर वहाँ से मोहम्मद नौशाद और सिराज को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों मोहम्मद जावेद शेख के रिश्तेदार हैं।

पुलिस ने बताया है कि जावेद शेख बिहार का रहने वाला है। लगभग तीन वर्ष पहले वह बेंगलुरु आया था। यहाँ वह मैकेनिक के तौर पर काम करता था। वह उसी बिल्डिंग में रहता था जहाँ आसिफ का घर था। घटना वाले दिन जब अब्बास पुलिस के पास शिकायत करने गए तो जावेद ने अंजान बनकर बच्चे को खोजने का नाटक किया ताकि उस पर संदेह न जाए। लेकिन, जब अब्बास ने पुलिस को सूचित कर दिया तो शेख घबरा गया और बच्चे की हत्या कर फरार हो गया।

हत्या का मामला पूरा शनिवार को तब प्रकाश में आया जब बिल्डिंग मालिक के बेटे ने अपने पिता को जानकारी दी कि उसे भी किडनैप करने की कोशिश हुई थी। अपहरण करने वाला कोई अन्य नहीं बल्कि जावेद शेख ही था। लड़के ने बताया कि शेख ने उसे शुक्रवार की दोपहर बाइक से किडनैप करने की कोशिश की थी।

लड़के के अनुसार, शेख ने उसे लालच दिया था कि वह वीडियो गेम खेलना सिखाएगा, मगर वह उसे एक सुनसान जगह ले गया। वहाँ चाकू की नोक पर उसे धमकाया गया। इसे देख लड़का उसका विरोध करने लगा। शेख ने उससे कहा कि यदि वो इस अपहरण के बारे में किसी को नहीं बताएगा तभी वह उसे छोड़ेगा। लड़का मान गया और उसने वापस लौटकर ये बात किसी को नहीं बताई।

आलम की खोजबीन में उसी लड़के की बदौलत पुलिस उस जगह पहुँची जहाँ बच्चे को किडनैप करके ले जाया गया था। मामले में बेंगलुरु ग्रामीण जिले के एडिशनल एसपी लक्ष्मी गणेश कहते हैं, “जब तक हम वहाँ पहुँचे तब तक आलम की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। आरोपित उसका सिर पत्थर से कुचलकर वहाँ से भाग गया था। हमारे पास उसके ठिकाने के बारे में निश्चित सुराग है। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा।” पुलिस ने जाँच में पाया कि शेख का निकाह उसकी प्रेमिका से जल्द होने वाला था। इसलिए उसे पैसों की जरूरत थी। निकाह के बाद उसका मुंबई जाने का प्लान था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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