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ISIS का आतंकी निकला बेंगलुरु का नेत्र चिकित्सक अब्दुर रहमान, NIA ने दबोचा: आतंकियों के लिए बना रहा था मेडिकल एप्लीकेशन

अब्दुर रहमान ने NIA की पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि वो सीरिया के ISIS के लिए भारत में नेटवर्क बनाने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए जहाँजेब से संपर्क में था। वो एक ऐसे मेडिकल एप्लीकेशन पर काम कर रहा था, जिसकी मदद से ISIS के बीमार आतंकियों का इलाज किया जाता। युद्धस्थलों में आतंकी उसका बनाया एप्लिकेशन इस्तेमाल करते।

बेंगलुरु में NIA को बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ खूँखार आतंकी संगठन ISIS के लिए काम करने वाले एक Ophthalmologist (नेत्र चिकित्सक) को गिरफ्तार किया गया है। उसे इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस से जुड़ाव के लिए गिरफ्तार किया गया गया। गिरफ्तार किए गए डॉक्टर का नाम अब्दुर रहमान (Abdur Rahman है, जो सफेद कॉलर में आतंकी बन कर बैठा हुआ था। वो बेंगलुरु के बसवनगुण्डी का रहने वाला है।

वो एमएस रमैया मेडिकल कॉलेज में बतौर नेत्र चिकित्सक कार्यरत है। NIA ने आतंकी अब्दुर रहमान की गिरफ़्तारी की पुष्टि की है। ये मार्च 2020 में रजिस्टर किए गए केस का ही मामला है, जिसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा कश्मीरी जोड़े जहाँजेब सामी वानी और उसकी पत्नी हीना बशीर बेग की गिरफ़्तारी के बाद दर्ज किया गया था। ये मामला दिल्ली के जामिया नगर का है। इस कपल का सम्बन्ध ISIS से जुड़े ISKP से था।

अब्दुर रहमान ने NIA की पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि वो सीरिया के ISIS के लिए भारत में नेटवर्क बनाने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए जहाँजेब से संपर्क में था। वो एक ऐसे मेडिकल एप्लीकेशन पर काम कर रहा था, जिसकी मदद से ISIS के बीमार आतंकियों का इलाज किया जाता। युद्धस्थलों में आतंकी उसका बनाया एप्लिकेशन इस्तेमाल करते। साथ ही वो आतंकी संगठन को कई अन्य मेडिकल फायदे देने पर भी काम कर रहा था।

इन दोनों को देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुणे के रहने वाले सादिया अनवर शेख और नबील सिद्दीकी खत्री को गिरफ्तार किया गया था, जो ISIS से जुड़े थे और भारत में सीएए विरोधी हिंसा को माध्यम बना कर आतंकी हमले करने वाले थे। ये सभी अब्दुल्ला बसीत से संपर्क में थे, जो एक अन्य मामले में पहले ही तिहाड़ जेल की हवा खा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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