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‘मेरी गिरफ्तारी अवैध, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ हो जाँच’ : बेल रिजेक्ट होने पर याचिका लेकर HC पहुँचे विभव कुमार, माँगा मुआवजा

दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी बेल याचिका के साथ विभव कुमार ने इस संबंध में एक रिट याचिका डाली है। वहीं उनके वकीलों ने बताया है कि इस याचिका में दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी विभागीय जाँच करने की माँग की गई है।

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रहे विभव कुमार ने बुधवार (29 मई 2024) को दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ गुहार लगाई है। विभव ने गिरफ्तारी को पूरी तरह से ‘अवैध’ बताया है। खबरों की मानें तो कुमार ने इस संबंध में एक रिट याचिका डाली है, जिसमें उन्होंने माँग की है कि उनकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया जाए, उन्हें इस अवैध गिरफ्तारी का मुआवजा मिले और जिसने उनके खिलाफ कार्रवाई की है उनपर एक्शन लिया जाए।

बता दें कि कुमार के खिलाफ दिल्ली राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के आरोप हैं। मालीवाल ने पुलिस के बयान और अपने कई इंटरव्यू में बताया है कि कुमार ने सीएम आवास में उनसे साथ बदसलूकी की और उन्हें खूब मारा-पीटा।

मालीवाल के आरोपों के अनुसार, कुमार ने मालीवाल के साथ गाली-गलौच की। उन्हें इस तरह मारा की उनका सिर जाकर सेंटर टेबल से अड़ा। फिर उन्हें उठाया गया जिसमें उनके कुर्ते के बटन तक खुल गए। स्वाति बताती हैं कि इस घटना के दौरान वो खूब चिल्लाईं लेकिन कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

इस मामले में फिलहाल विभव न्यायिक हिरासत में है। कल उनकी हिरासत कोर्ट ने तीन दिन के लिए और बढ़ा दी है। उन्होंने पहले तीस हजारी कोर्ट में बेल की माँग की थी। हालाँकि कोर्ट ने स्वाति मालीवाल और दिल्ली पुलिस का पक्ष सुनने के बाद उन्हें बेल देने से मना कर दिया था।

बताया गया था कि स्वाति इस सुनवाई के दौरान रोने भी लगी थीं। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि अगर विभव को रिहाई दी गई तो उनकी जान के लिए और उनके परिवार के लिए वो खतरा हो सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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