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बेगूसराय में 300 की मुस्लिम भीड़ ने तलवार, चाकू के साथ हिंदुओं पर बोला हमला, 20 घायल: गिरिराज सिंह ने पूछा- हिंदू कहाँ चला जाए

बजरंग दल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना के समय 300 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सरस्वती मंदिर के पास हिंदुओं के ऊपर हमला किया जिससे 20 से ज्यादा हिंदू घायल हुए।

बिहार के बेगूसराय के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत रजौरा गाँव में होली के शुभ अवसर पर मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदुओं पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि ये झगड़ा बच्चों के बीच शुरू हुआ था लेकिन बाद में दूसरे समुदाय ने धारधार हथियार समेत लाठी डंडा लेकर हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला बोला और घटना में 20 से अधिक हिंदू घायल हो गए। कुछ की स्थिति अब भी नाजुक है और कुछ को सिटी स्कैन करवाकर न्यूरो सर्जन के पास रेफर किया गया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ये मारपीट दो बच्चों के मामूली विवाद पर शुरू हुई जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला करके कई लोगों को घायल कर दिया। हमले के समय तलवार, राइफल, लाठी, डंडे प्रयोग में लाए गए। पीड़ितों को इलाज के लिए सदर अस्पताल के साथ निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।

कई रिपोर्ट में इस घटना को दो पक्षों के बीच की झड़प बताया जा रहा है। वहीं, बजरंग दल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना के समय 300 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सरस्वती मंदिर के पास हिंदुओं के ऊपर हमला किया जिससे 20 से ज्यादा हिंदू घायल हुए। उनका कहना है कि रजौरा एक संवेदनशील जगह है। घटना के बावजूद पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण इलाके में ऐसी स्थिति बनी। हमले के बाद हिंदू समाज भयभीत है।

बता दें कि रजौरा से आई हिंसा की खबर के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पीड़ितों से मिलने अस्पताल गए। वहाँ उन्होंने हालात देखते हुए सीएम नीतिश और जिला प्रशासन से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर रजौरा में हिंदू सुरक्षित नहीं बचे तो वहाँ से कहाँ जाएँ। वह बोले कश्मीर फाइल्स देखने के बाद रात भर सो नहीं सका लगा, सोचा हिंदू जाए तो कहाँ जाए। पाकिस्तान में हिंदू को मारा गया, काटा गया, धर्म परिवर्तन कराया गया। बांग्लादेश में मंदिर तोड़ा गया। बेगूसराय में बच्चों के विवाद में एक जुट होकर हिंदू पर हथियार और तलवार से हमला किया गया। 

वह कहते हैं कि अगर प्रशासन ने मामले में लीपापोती की तो वह कोई भी कदम उठाने को मजबूर होंगे।  इस मामले में लीपापोती नहीं होनी चाहिए। प्रशासन बताए कि हिंदू जाए तो जाए कहाँ। पूरे मामले में जो भी साजिशकर्ता हैं, उनके खिलाफ़ जाँच कर उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वरना वह अहिंसात्मक रूस से कार्रवाई को मजबूर होंगे। उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाकर कहा कि कश्मीर में सहते सहते हिंदुओं के साथ क्या हो गया, इसलिए वह इंसाफ की भीख माँगने आए हैं और उन्हें इस मुद्दे पर न्याय चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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