Tuesday, April 20, 2021
Home देश-समाज मौत के बाद पता चला कोरोना+ था सैफ, तब तक हो गई थी भारी...

मौत के बाद पता चला कोरोना+ था सैफ, तब तक हो गई थी भारी चूक: बिहार में सामुदायिक संक्रमण का खतरा

पटना एम्स लाए जाने से पहले सैफ को इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था। वहॉं के दो कर्मचारी भी उसके संपर्क में आए थे। इसके बाद ये अलग-अलग जगहों पर कई लोगों के संपर्क में आए। इनमें से एक ने तो एक शादी समारोह में भी शिरकत की थी।

बिहार के मुंगेर जिले के 38 वर्षीय व्यक्ति सैफ की 21 मार्च को कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पटना के एम्स में मौत हो गई थी। वह कतर से लौटा था। इस मामले में अब जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार सैफ के परिवार के 2 सदस्य और पटना के जिस प्राइवेट अस्पताल में इसका इलाज हो रहा था, वहाँ के दो कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस नए घटनाक्रम के बाद आशंका जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग संक्रमित हो सकते हैं, जो मृतक के परिवार के इन दो सदस्यों अथवा प्राइवेट अस्पताल के उन दो कर्मचारियों के संपर्क में आए थे। इसके कारण बिहार में सामुदायिक संक्रमण की आशंका पैदा हो गई है।

रिपोर्ट के अनुसार कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बावजूद भी अस्पताल के इन दोनों कर्मचारियों ने भयानक लापरवाही दिखाई। इन दोनों में से एक लैब टेक्नीशियन अलग-अलग जगहों पर जहाँ करीब 50 लोगों के संपर्क में आया था, वहीं वार्ड बॉय ने पटना में एक शादी समारोह में शिरकत की थी जिसमें करीब 80 लोग शामिल हुए थे।

इन 130 लोगों में से 110 लोग आइसोलेशन में रखे गए हैं, जबकि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने की आशंका वाले लोगों की पहचान और निगरानी के प्रयास जारी हैं। शरणम् अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों तथा अन्य मेडिकल स्टॉफ को भी आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल ने अब तक किसी और कोरोना पॉजिटिव केस पाए जाने की जानकारी नहीं दी है। इनके अलावा सैफ परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार भी संक्रमण के खतरे से बाहर नहीं हैं, क्योंकि एम्स पटना ने जाँच रिपोर्ट आने से पहले ही उसका शव अंत्येष्टि के लिए परिवार को सौंप दिया था।

पटना के एक डॉक्टर ने बताया कि बिहार के ये चार COVID-19 मामले इस तरफ संकेत करते हैं कि बिहार में वायरस का सामुदायिक संक्रमण हुआ है, जो क्वारन्टाइन कदम उठाने के लिए प्रशासन को पर्याप्त वजह देता है। आशंका है कि कोरोना संक्रमित मामलों में वृद्धि हो सकती है। कोरोना से मरने वाले इस व्यक्ति को पहले मुंगेर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके बाद उसे पटना के शरणम अस्पताल लाया गया। तबीयत और बिगड़ने पर उसे 20 मार्च को पटना के एम्स में भर्ती करवाया गया था, जहाँ 21 मार्च को उसकी मौत हो गई थी।

सैफ पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था, इसलिए एम्स में उसकी डायलिसिस की जा रही थी। बाद में मेडिकल स्टॉफ ने उसमें श्वसन संबंधी दिक्क्तों को भी नोटिस किया और उसकी ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए, जाँच के लिए नमूनों को 20 मार्च को भेजा। लेकिन इन टेस्ट्स के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही का परिचय देते हुए सैफ का शव उसके परिवार को सौंप दिया जो उसको पटना से मुंगेर अंत्येष्टि के लिए ले गए। इस लापरवाही का खामियाजा किस हद तक भुगतना होगा यह आने वाले दिनों में साफ़ हो सकेगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

‘सरकार पर विश्वास नहीं’: मजदूरों ने केजरीवाल की नहीं सुनी, 5 लाख ने पकड़ी ट्रेन-बस टर्मिनल पर 50000; दिल्ली से घर लौटने की मारामारी

घर वापसी की यह होड़ केजरीवाल सरकार की साख पर सवाल है। यह बताती है कि दिल्ली के सीएम की बातों पर मजदूरों को भरोसा नहीं है।

कोरोना से लड़ाई में मजबूत कदम बढ़ाती मोदी सरकार: फर्जी प्रश्नों के सहारे फिर बेपटरी करने निकली गिद्धों की पाँत

गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने पूर्व CM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, शिवसेना नेता कहा- ‘फडणवीस के मुँह में डाल देता कोरोना’

शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर उन्हें कहीं कोरोना वायरस मिल जाता, तो वह उसे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुँह में डाल देते।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक 5 शहरों में लगाए कड़े प्रतिबन्ध, योगी सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन से किया इनकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में लॉकडाउन लगाने से इंकार कर दिया है। यूपी सरकार ने कहा कि प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे। गरीबों की आजीविका को भी बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों को अगवा कर मस्जिद में ले गए, DSP को किया टॉर्चरः सरकार से मोलभाव के बाद पाकिस्तान में छोड़े गए बंधक

पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार के साथ मोलभाव के बाद प्रतिबंधित इस्लामी संगठन TLP ने अगवा किए गए 11 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,220FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe