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बिहार में सोते हुए पुजारी को काटा, 3 किमी दूर काली मंदिर में झोले में रखा मिला सिर: दहशत में स्थानीय, हत्यारों का सुराग नहीं

"बुधवार सुबह जब लोग मठ की ओर गए तो उन्होंने राम जानकी मंदिर में खून देखा। पुजारी का धड़ वहीं पड़ा था। इसी बीच सूचना मिली की पिपरा के काली मंदिर में उनका सिर मिला है।"

बिहार के बेतिया से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के बकुलहर मठ स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी का सिर काटकर हत्या कर दी गई। उनका कटा सिर करीब 3 किलोमीटर दूर पिपरा काली मंदिर में झोले में रखा मिला। कुछ रिपोर्टों में दोनों मंदिर के बीच की दूरी एक किलोमीटर ही बताई गई है।

बुधवार (10 अगस्त 2022) की सुबह जब लोग काली मंदिर में पूजा करने गए, तो मंदिर के गेट पर पुजारी का कटा सिर देख दंग रह गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान 55 वर्षीय रुदल प्रसाद वर्णवाल के तौर पर हुई है। वे राम जानकी मंदिर में करीब 40 साल से पूजा-पाठ कर रहे थे। पूजा-पाठ के अलावा उनको किसी से कोई मतलब नहीं रहता था। इस हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बकुलहर राम जानकी मंदिर के पुजारी प्रतिदिन की तरह मंगलवार (9 अगस्त 2022) की रात मंदिर परिसर में सोए हुए थे। सुबह उनका सिर कटा शव मिला। हत्यारों का अब तक सुराग नहीं है।

बकुलहर गाँव के रहने वाले अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि बुधवार सुबह जब लोग मठ की ओर गए तो उन्होंने राम जानकी मंदिर में खून देखा। पुजारी का धड़ वहीं पड़ा था। इसी बीच सूचना मिली की पिपरा के काली मंदिर में उनका सिर मिला है। इस घटना के बाद दोनों मंदिरों के समीप लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुजारी की निर्मम हत्या को लेकर लोगों में काफी गुस्सा हैं। घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। चनपटिया थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। पुलिस ने कटे सिर व धड़ को अपने कब्जे में ले लिया है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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