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‘4 साल की नौकरी में कौन अपनी बेटी देगा, दहेज कैसे मिलेगा’: बिहार में आगजनी-हिंसा को जायज बताने का कारण सुन कपार पीट लेंगे

यह भी दिलचस्प है कि वेद प्रकाश का यह वीडियो तब सामने आया है, जब बिहार में अग्निपथ विरोधी हिंसा के लिए युवाओं को भड़काने में यूट्यूब चैनल्स का सक्रिय हाथ पाया गया है। गलत जानकारी और निराधार दावों के लिए युवाओं को गुमराह करने के आरोप यूट्यूब चैनल्स पर लगे हैं।

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में सबसे ज्यादा हिंसा बिहार में देखने को मिली है। सैन्य बहाली की चार साल की इस योजना के विरोध में राज्य के कई जिलों में हिंसा और आगजनी हुई है। कई ट्रेनों को उपद्रवियों ने फूँक दिया था। अब एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवा हिंसा और आगजनी को इस आधार पर जायज बताने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि चार साल की नौकरी में शादी नहीं होगी। न दहेज मिलेगा।

कृष्णा यादव नाम के इस लड़के का दावा है कि वह 3 साल से आर्मी की तैयारी कर रहा था। मगर, अब वह तैयारी करना छोड़ देगा। उसे कहते सुना जा सकता है, “चार साल के लिए कौन जाएगा, कोई बीवी देगा क्या। औरत देगा। बाप अपनी बेटी देगा। कोई दहेज देगा।” लड़के की बात सुन प्रोपेगेंडाबाज यूट्यूबर वेदप्रकाश उससे कहता है दहेज लेना गलत है। हालाँकि लड़का इस बात पर अड़ा रहता है कि दहेज गलत नहीं है।

इसके बाद वीडियो में आगे कुछ अन्य लोग भी आगजनी को जायज ठहराते हैं और कहते हैं कि सरकार जब गूँगी-बहरी हो जाए तो क्या करना चाहिए। सरकार को समझाने के लिए तो आगजनी करनी ही पड़ेगी न।

वीडियो द एक्टिविस्ट नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड की गई है। यह चैनल वेद प्रकाश चलाता है जो खबरों के नाम पर जाति का जहर बोने के लिए कुख्यात है। वीडियो में दानारपुर में युवाओं से बात करते हुए वेदप्रकाश बीच-बीच में यह भी बता रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने उन गाड़ियों को जला दिया जो सरकारी भी नहीं हैं।

वेद प्रकाश ऐसा दिखाने की कोशिश करता है कि वह इस आगजनी के विरोध में है। लेकिन मोदी सरकार के प्रति अपनी घृणा वह नहीं छिपा पाता है। इस मामले में भी बीच-बीच में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहता है कि अगर मोदी सरकार की नीति से कोई दुखी है तो वो दो साल बाद मोदी को वोट न दे।

यह भी दिलचस्प है कि वेद प्रकाश का यह वीडियो तब सामने आया है जब बिहार में अग्निपथ विरोधी हिंसा के लिए युवाओं को भड़काने में यूट्यूब चैनल्स का सक्रिय हाथ पाया गया है। गलत जानकारी और निराधार दावों के लिए युवाओं को गुमराह करने के आरोप यूट्यूब चैनल्स पर लगे हैं। किसी ने कैप्शन के के साथ खेल करके लाइक व्यूज पाए तो किसी ने थंबनेल भ्रामक लगाकर। लेकिन इस सबके बीच ये यूट्यूबर ये भूल गए कि उनके ये ज्यादा रीच के प्रयास कितने युवाओं को भड़का देगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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