Wednesday, April 24, 2024
Homeदेश-समाजमंदिर के पास शव दफनाने के लिए खोद डाला कब्र, UP पुलिस-प्रशासन ने जमीन...

मंदिर के पास शव दफनाने के लिए खोद डाला कब्र, UP पुलिस-प्रशासन ने जमीन का रिकॉर्ड दिखा JCB चलवा दी

पुलिस ने फौरन मामले पर सख्ती दिखाई और जेसीबी बुलवा कर जमीन को पाट दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों की निजी भूमि के साथ देवस्थान के पास कब्र खोद कर कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी।

उत्तर प्रदेश के बदायूं के बिल्सी शहर में मंदिर (देवस्थान) के पास कब्र खोदे जाने पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक इलाके में ये कब्र सकुरी नाम के व्यक्ति के बेटे समीर के शव के लिए खोदी गई थी, जिसके बाद इलाके की शांति भंग हुई।

लोगों ने जब इस कब्र को देखा तो इस पर आपत्ति जताई और दोनों समुदाय के लोगों में बहस शुरू हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस व तहसील टीम पहुँची। तहसील टीम ने रिकॉर्ड देखकर बताया कि वहाँ एक मंदिर बना है और वहीं कुछ लोगों की निजी जमीन भी है, इसलिए यहाँ कब्र नहीं खोदी जा सकती

पुलिस ने फौरन मामले पर सख्ती दिखाई और जेसीबी बुलवाकर जमीन को पाट दिया। बिल्सी के एसएचओ ने बताया कि लोगों की निजी भूमि के साथ देवस्थान के पास कब्र खोदकर कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। फिलहाल कब्र को पटवा दिया गया है। सुरक्षा-व्यवस्था के लिए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है।

बता दें कि सोमवार को ईंटों से भरी ट्रॉली पलट जाने के कारण बिल्सी में समीर की मौत हुई थी। मंगलवार को उसके परिजनों ने उसके शव को दफनाने के लिए मंदिर के पास कब्र खोद दी। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस प्रशासन भी वहाँ पहुँचा, मगर दूसरे समुदाय के लोग शव को उसी जगह पर दफनाने के लिए अड़े रहे।

मामले के तूल पकड़ने पर तहसीलदार ने जमीन का रिकॉर्ड दिखाया, जिससे पता चला कि उस जमीन पर पीपल का पेड़ है और आसपास की जमीन कुछ लोगों के नाम दर्ज है। रिकॉर्ड देखने के बाद पुलिस ने अपनी ओर से जब सख्ती दिखाई, तब दूसरे समुदाय के लोग शांत पड़े।

इस मामले के प्रकाश में आने के बाद लोग समुदाय विशेष की मंशा पर सवाल उठाने लगे हैं। शिवानी भटनागर खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहती हैं कि जमीन हड़प करने का ये बहुत पुराना तरीका है। अपना अनुभव साझा करते हुए वह दावा करती हैं कि उनके पुराने घर के पास ऐसी ही जमीन थी। कुछ दिन बाद दूसरे समुदाय के कुछ लोग वहाँ नमाज पढ़ने आने लगे। फिर संख्या बढ़ी और अब जमीन उनके कब्जे में है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेसी दानिश अली ने बुलाए AAP , सपा, कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता… सबकी आपसे में हो गई फैटम-फैट: लोग बोले- ये चलाएँगे सरकार!

इंडी गठबंधन द्वारा उतारे गए प्रत्याशी दानिश अली की जनसभा में कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए।

‘उन्होंने 40 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला, लिबरल मीडिया ने उन्हें बदनाम किया’: JP मॉर्गन के CEO हुए PM मोदी के मुरीद, कहा...

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जेमी डिमन ने कहा, "हम भारत को क्लाइमेट, लेबर और अन्य मुद्दों पर 'ज्ञान' देते रहते हैं और बताते हैं कि उन्हें देश कैसे चलाना चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe