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60% मृत्यु दर वाला बर्ड फ्लू: चिकन-अंडा खा सकते हैं या नहीं? 8 तरीके अपना कर बचिए H5N1 वायरस से

पक्षियों के संपर्क आने से बचा जाए। पक्षियों की मौजूदगी वाली जगह पर नहीं जाएँ। स्थानीय पॉल्ट्री फ़ार्म में मौजूद पक्षियों के संक्रमित होने पर इसके फैलने की गुंजाइश काफी ज़्यादा बढ़ जाती है।

देश की जनता एक महामारी का सामना कर ही रही है कि अब दूसरी बीमारी ने दस्तक दे दी है, ‘बर्ड फ्लू’। अब तक आई ख़बरों के मुताबिक़ देश के 7 राज्य इस बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं, इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, केरल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ बर्ड फ्लू इन्फ्लुएंजा टाइप-ए H5N1 नाम के वायरस से फैलता है। यह पक्षियों से इंसानों या दूसरे जानवरों में भी फैल सकता है और सबसे ज़्यादा पॉल्ट्री फार्म में पाली जाने वाली मुर्गियों से फैलता है। 

इस बीमारी के वायरस से संक्रमित होने वालों का मृत्यु दर 60 फ़ीसदी है। यानी यह बीमारी कोरोना वायरस से भी ज़्यादा खतरनाक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ठण्ड के दौरान यह बीमारी अक्सर फैलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। 

एम्स नई दिल्ली के डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संजय कुमार चुघ के मुताबिक़ इसका सबसे सटीक उपाय है कि पक्षियों के संपर्क आने से बचा जाए। पक्षियों की मौजूदगी वाली जगह पर नहीं जाएँ। अंडा या मुर्गा-मुर्गी खाने वाले इसकी खरीदारी करते हुए साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखें। इस दौरान लोगों को ग्लव्स ज़रूर पहनना चाहिए। खरीदारी के बाद हाथों को साबुन से धोया जाए और माँस को अच्छे से पका कर खाएँ। 

बचाव के अन्य तरीके 

H5N1 वायरस से बचने के लिए पक्षियों के सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए। स्थानीय पॉल्ट्री फ़ार्म में मौजूद पक्षियों के संक्रमित होने पर इसके फैलने की गुंजाइश काफी ज़्यादा बढ़ जाती है। 

चिकन शॉप या पॉल्ट्री फ़ार्म पर ऐसे मुर्गों का माँस खरीदने से बचना है, जो दिखने में बीमार या कमज़ोर नज़र आ रहे हों। वह पक्षी H5N1 वायरस से संक्रमित हो सकता है। आधा उबला हुआ या आधा तला हुआ (फ्राइड) चिकन या अंडे का सेवन करने से बचना चाहिए।

चिकन को कम से कम 70 से 100 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर पका कर खाना चाहिए। यह वायरस ज़्यादा तापमान के प्रति संवेदनशील है, अधिक तापमान में नष्ट हो जाता है। इसके अलावा माँस पकाने वाले बर्तन भी अलग ही रखे जाने चाहिए। 

कटिंग बोर्ड और बर्तनों को भी गर्म पानी से धोया जाना चाहिए। अंडा या चिकन छूने के बाद भी हाथों को गर्म पानी या साबुन से धोना चाहिए। सबसे अहम बात इसके लक्षण नज़र आने पर इंसान को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  

केंद्र या राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय या विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बर्ड फ्लू के दौरान चिकन या अंडे के सेवन को लेकर कोई दिशा-निर्देश फिलहाल अभी तक नहीं जारी किए हैं। इस मामले में इकलौती महत्वपूर्ण बात यही है कि इनका सेवन सावधानीपूर्वक और साफ़-सफाई के साथ ही किया जाना चाहिए।

अगर आपके आस-पास कोई पॉल्ट्री फ़ार्म या बड़ी चिकन शॉप है, तब भी पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। बर्ड फ्लू के दौरान ऐसी जगहों की स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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