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बांग्लादेशियों का नाम लेने पर दिल्ली पुलिस ने BJP नेता को बोलने से रोका, ‘मस्जिद पर भगवा’ वाली बात नकारी

अस्थाना ने जहाँगीरपुरी हिंसा मामले में कहा है कि आरोपित किसी भी पंथ, धर्म या संप्रदाय का हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के बाद पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से इस हिंसा से जुड़े आरोपितों की धर-पकड़ जारी है। लेकिन, माहौल बिगाड़ने की कोशिशें भी सोशल मीडिया के जरिए की जा रही हैं। इस पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।

जहाँगीरपुरी हिंसा को लेकर तरह-तरह के दावों के बीच सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह फैलाई गई कि जहाँगीरपुरी हिंसा में पहले मस्जिद पर भगवा झंडा लगाया गया था, जिसके कारण माहौल बिगड़ा। हालाँकि, इस तरह के झूठे दावों को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस के कमिश्नर राकेश अस्थाना ने चेताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक न्यूज पोस्ट कर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिशें कर रहे हैं।

सोमवार (18 अप्रैल, 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली पुलिस के मुखिया अस्थाना ने कहा, “कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।” अस्थाना ने जहाँगीरपुरी हिंसा मामले में कहा है कि आरोपित किसी भी पंथ, धर्म या संप्रदाय का हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि शांति बहाली के लिए अमन कमेटी भी गठित की गई है।

दिल्ली पुलिस ने बीजेपी पार्षद को बोलने से रोका

रविवार को दिल्ली पुलिस की अमन कमेटी की ओर से कुशाल चौक पर एक मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग का उद्देश्य था कि इलाके में शांति स्थापित करने कि तरीकों पर चर्चा किया जाए। बैठक के दौरान उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की डीसीपी ऊशा रंगनानी ने मीटिंग को संबोधित किया। उन्होंने दोनों समुदायों के लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस निष्पक्षता से मामले की छानबीन करेगी।

लेकिन जब आदर्श नगर से बीजेपी की पार्षद गरिमा गुप्ता ने कहा, “मैं ये बात खुले आम कहना चाहती हूँ। हिंदू और मुस्लिम दोनों यहाँ शांति से रह रहे थे। अगर मैं सीधे मुद्दे की बात कहूँ तो हमारे क्षेत्र की समस्या बांग्लादेशी मुस्लिम हैं जो यहाँ रहने लगे हैं।” इतना सुनते ही डीसीपी ऊषा रंगनानी ने गरिमा गुप्ता को बोलने से रोक दिया। उन्होंने सभी को अपने इलाके में जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आप इस मुद्दे से हट रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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