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पश्चिम बंगाल में शिव मंदिर पर हमले के खिलाफ BJP ने किया प्रदर्शन, मुस्लिम भीड़ ने किया था हिन्दू-पुलिस पर पथराव: MLA अग्निमित्रा पॉल बोलीं- ममता सरकार जानती थी 2000 जिहादियों के सड़क पर उतरने की बात

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में मुस्लिम भीड़ ने शिव मंदिर पर हमला बोला, हिन्दुओं और पुलिस पर जमकर पत्थर फेंके। हिंसक झड़प के विरोध में बीजेपी नेताओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया, और माँग की कि इस मामले पर तुरंत बहस होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम भीड़ ने मंगलवार (10 जून 2025) को शिव मंदिर पर हमला किया। विरोध में बीजेपी नेताओं ने गुरुवार (12 जून 2025) को पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। बीजेपी नेताओं ने माँग की है कि इस मामले पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए। इसी बीच पुलिस ने हिसंक झड़प को अवैध निर्माण से जुड़ा बताया है और 40 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मामले में पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार कर स्थिति को नियंत्रण करने की सूचना दी है। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जाँच कर रही है कि क्या यह सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की साज़िश थी।

बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और शिव मंदिर में तोड़फोड़ पर ममता बनर्जी सरकार से सवाल पूछा है। पॉल ने पूछा कि यह सब क्यों हुआ? सरकार को पहले से पता क्यों नहीं था कि 2000 लोग सड़कों पर आ सकते हैं? अग्निमित्रा ने सीधा आरोप लगाया कि ये सब ममता बनर्जी करवा रही हैं।

पॉल का कहना है कि ममता बनर्जी सिर्फ 33% वोटों की चिंता करती हैं और उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि हिंदू या पुलिसकर्मी मरें। पॉल ने ममता बनर्जी को ‘मुहम्मद यूनुस’ से तुलना की है, जो सिर्फ एक खास वर्ग की चिंता करता है।

पॉल ने बताया कि विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की माँग की (जिसे ‘एडजर्नमेंट मोशन’ कहते हैं) गई थी, लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी क्योंकि यह सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी के खिलाफ जाता है।

मामला क्या है?

घटना दक्षिण 24 परगना के बज-बज इलाके में, रवींद्र नगर पुलिस स्टेशन के पास महेशतला में हुई। वहाँ के हिन्दू समुदाय ने देखा कि एक पुराने शिव मंदिर के पास मौजूद तालाब पर कुछ लोग कब्ज़ा कर रहे हैं।

हिंदू समुदाय ने अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार (10 जून 2025) को, कुछ मुस्लिमों ने मंदिर की ज़मीन पर फल की दुकानें लगाने की कोशिश की। हिन्दुओं ने रोका तो विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

मंदिर तोड़ा, पुलिस पर हमला!

इसके बाद मुस्लिम भीड़ ने शिव मंदिर में तोड़फोड़ कर दी और मंदिर पर पत्थर और ईंटें फेंकीं। जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो मुस्लिम भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। सड़कों पर पत्थर, ईंटें और टूटी हुई चीज़ें बिखरी पड़ी थीं।

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने सिर्फ मंदिर ही नहीं, बल्कि पवित्र तुलसी मंच, आस-पास की हिन्दू दुकानों और घरों पर भी हमला किया।

पुलिस बेबस, बीजेपी आग बबूला

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि रवींद्र नगर पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर यह सब हुआ, लेकिन पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी पोस्ट किए, जिनमें भारी भीड़ को हिंसा करते देखा जा सकता है, और पास में पुलिस स्टेशन भी दिख रहा है।

पत्थरबाज़ी में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक महिला कॉन्स्टेबल भी शामिल है। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल बुलाया, लेकिन भीड़ लगातार हमला करती रही। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को कुछ देर के लिए पीछे हटना पड़ा।

फिलहाल, हालात पर काबू पाने के लिए कोलकाता से भारी संख्या में पुलिस बल भेजा गया है, लेकिन अब भी कुछ जगहों पर पत्थरबाज़ी की खबरें हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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