Homeदेश-समाज'मुनव्वर राना को खोज लेना चाहिए मकान, 2022 में योगी की वापसी तय': शायर...

‘मुनव्वर राना को खोज लेना चाहिए मकान, 2022 में योगी की वापसी तय’: शायर की ‘गीदड़भभकी’ पर BJP का जवाब

''उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के दोबारा चुने जाने पर मुनव्वर राना जिस तरह से प्रदेश छोड़ने की बात कर रहे हैं। तो अब उन्हें दूसरे राज्य में मकान खोज लेना चाहिए, क्योंकि 2022 में योगी की वापसी होने जा रही है।''

भाजपा ने मशहूर शायर मुनव्वर राना के यूपी में योगी की वापसी पर प्रदेश छोड़ने वाले बयान पर करारा जवाब दिया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने रविवार (18 जुलाई) को कहा, ”मुनव्वर राना को इस देश ने, प्रदेश ने बड़ा मान-सम्मान दिया। सिर-माथे पर बिठाया, लेकिन अब वो लगातार सियासी टिप्पणियाँ करने का काम कर रहे हैं और सियासत में भी मजहबी रंग बोलने का काम कर रहे हैं।”

त्रिपाठी ने कहा, ”उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के दोबारा चुने जाने पर मुनव्वर राना जिस तरह से प्रदेश छोड़ने की बात कर रहे हैं। तो अब उन्हें दूसरे राज्य में मकान खोज लेना चाहिए, क्योंकि 2022 में योगी की वापसी होने जा रही है।” उन्होंने कहा कि ऐसे में अगर मुनव्वर राना को कहीं दूसरा शहर पसंद आता है, तो निश्चित तौर पर वह देश में कहीं पर भी रहने के लिए आजाद हैं। भारत के संविधान ने यह आजादी दी है, लेकिन यह तय है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ फिर वापस आ रहे हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मुनव्वर राना का यह बयान राजनीतिक बयान है और वह राजनीति से प्रेरित होकर यह बयान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूरी तरह से सुरक्षित है और अपराधियों खिलाफ यहाँ पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

दरअसल, मुनव्वर राना ने शनिवार (17 जुलाई 2021) को कहा, ”अगर औवेसी की मदद से यूपी में योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बने तो मैं प्रदेश छोड़कर चला जाऊँगा। ये भी मान लूँगा कि ये राज्य मुसलमानों के रहने लायक नहीं है।”

गौरतलब है कि शायर ने इससे पहले मीडिया में कहा था कि बीजेपी और ओवैसी दोनों ऐसे पहलवान हैं जो सिर्फ जनता को और अन्य सियासी दलों को दिखाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन मामला कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि ये दोनों इसलिए लड़ रहे हैं ताकि वोटों का ध्रुवीकरण हो और मुस्लिम वोट ओवैसी खींच लें, ताकि अन्य सियासी दलों को इसका फायदा ना मिले और बीजेपी आसानी से चुनाव जीत ले जाए। अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मुनव्वर राना का ताजा बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यूजर्स खासा नाराज हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न सांसद हैं-न विधायक फिर भी लेटरहेड पर ‘अशोक स्तंभ’: TMC प्रवक्ता साकेत गोखले ने किया ‘राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अधिनियम’ का उल्लंघन, जानिए क्या...

टीएमसी के पूर्व सांसद साकेत गोखले के लेटरहेड में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ होने से इनदिनों वे सुर्खियों में हैं। वे लेटर सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल को लेकर लिखा था।

भारत के लिए सिर्फ सस्ता विदेशी सामान नहीं, इससे कहीं बड़ी जीत है UK के साथ FTA: समझिए- आम भारतीय का फायदा

भारत-UK व्यापार समझौता लागू होने के बाद स्कॉच पर शुल्क आधा हो गया। जानिए कौन-से ब्रिटिश उत्पाद सस्ते होंगे और भारत को क्या फायदा मिलेगा।
- विज्ञापन -