Homeदेश-समाजमुसीबत में 'मसीहा' सोनू सूद , BMC ने कहा- जुहू की 6 मंजिला रिहायशी...

मुसीबत में ‘मसीहा’ सोनू सूद , BMC ने कहा- जुहू की 6 मंजिला रिहायशी इमारत को होटल में बदला

बीएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक़ सोनू सूद ने जुहू के एबी नायर रोड स्थित शक्ति सागर नाम की इमारत को होटल बना दिया है। ऐसा करने से पहले उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई अनुमति नहीं ली।

लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की मदद कर ‘मसीहा’ बने अभिनेता सोनू सूद के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में अभिनेता सोनू सूद पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बीएमसी की अनुमति के बगैर जुहू स्थित छह मंजिला आवासीय इमारत को होटल में तब्दील कर दिया। BMC ने 4 जनवरी 2020 को जुहू पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। 

बीएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक़ सोनू सूद ने जुहू के एबी नायर रोड स्थित शक्ति सागर नाम की इमारत को होटल बना दिया है। ऐसा करने से पहले उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई अनुमति नहीं ली। इसके आधार पर बीएमसी ने जुहू पुलिस से कहा है कि अभिनेता सोनू सूद पर महाराष्ट्र रीजन एंड टाउन प्लानिंग एक्ट (MRTP) के तहत मामला दर्ज किया जाए। 

वहीं दूसरी तरफ सोनू सूद का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अभिनेता का कहना था कि उनके पास बीएमसी की अनुमति थी। वह सिर्फ महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) की तरफ से स्वीकृति मिलने का इंतज़ार कर रहे थे। 

सोनू सूद का ये भी कहना है कि एमसीजेडएमए की तरफ से महामारी (कोविड 19) के चलते अनुमति नहीं मिल पा रही थी। होटल का निर्माण महामारी के दौरान कोरोना वारियर्स के रहने के लिए किया गया था। अगर अनुमति नहीं मिलती है तो वह इसे वापस इमारत में तब्दील कर देंगे। 

दरअसल अक्टूबर 2020 में बॉलीवुड अभिनेता इस नोटिस के खिलाफ सिविल कोर्ट गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस मामले में अभिनेता को कोई राहत नहीं दी गई थी। इसके बाद सिविल कोर्ट ने सोनू सूद को हाईकोर्ट में अपील करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया था। इस अवधि के बीत जाने पर भी वह स्वीकृत योजना के मुताबिक़ परिवर्तन और परिवर्धन को रीस्टोर नहीं कर पाए थे। इसके बाद बीएमसी ने MRTP अधिनियम के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।     

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -